महनार में पीयर्स लर्निंग व प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को लेकर कार्यशाला आयोजित
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की देखरेख में बालक उच्च विद्यालय, महनार में पीयर्स लर्निंग एवं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मध्य विद्यालयों के शिक्षकों को सहयोगात्मक सीखने और परियोजनाओं के माध्यम से समस्या हल करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। इन विधियों से विद्यार्थियों का सीखना अधिक प्रभावी होगा।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी,प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा वैशाली के आदेशानुसार पीयर्स लर्निंग एवं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बालक उच्च विद्यालय, महनार में प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रखंड के सभी मध्य विद्यालयों में वर्ग छह से आठ में विज्ञान एवं गणित विषय के नामित नोडल शिक्षक शामिल हुए। कार्यशाला में शिक्षकों को बताया गया कि पीयर्स लर्निंग ऐसी शिक्षण पद्धति है,जिसमें विद्यार्थी एक-दूसरे से सीखते और सिखाते हैं। इसमें शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं,बल्कि सीखने की प्रक्रिया के संचालक होते हैं। इस पद्धति से विद्यार्थियों में सहयोगात्मक सीखने की आदत,आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता, संचार एवं सामाजिक कौशल का विकास होता है।
वहीं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) के बारे में बताया गया कि इसमें विद्यार्थी किसी वास्तविक समस्या, प्रश्न या विषय पर परियोजना तैयार कर सीखते हैं। वे जानकारी एकत्र करते हैं,शोध करते हैं, प्रयोग करते हैं तथा मॉडल या रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुति देते हैं। कार्यशाला में शिक्षकों को विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार समूह बनाने, सभी की सहभागिता सुनिश्चित करने, आवश्यक मार्गदर्शन देने और सतत मूल्यांकन करने की जानकारी दी गई। बताया गया कि इन शिक्षण पद्धतियों से विद्यार्थियों का सीखना अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनेगा। -कृत्यानंद सिंह


