गलत जवाब पर तनाव नहीं, गलती दूर करने की जिद पैदा करें : डीएम

हिन्दुस्तान, लखीमपुरखीरी
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लखीमपुर में राजकीय इंटर कॉलेज में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने छात्रों को अध्ययन और जीवन में आगे बढ़ने के लिए सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ संवाद स्थापित करने का प्रोत्साहन दिया। डीएम ने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने और गलत उत्तरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

गलत जवाब पर तनाव नहीं, गलती दूर करने की जिद पैदा करें : डीएम
गलत जवाब पर तनाव नहीं, गलती दूर करने की जिद पैदा करें : डीएम

लखीमपुर, संवाददाता। राजकीय इंटर कॉलेज में गुरुवार को छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बच्चों को पढ़ाई के साथ जीवन में आगे बढ़ने के टिप्स दिए। उन्होंने मंच पर बोलने के डर, पढ़ाई में एकाग्रता और सवालों के गलत उत्तर आने पर तनाव जैसे विद्यार्थियों के सवालों का सहज अंदाज में जवाब दिया। डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र व प्रधानाचार्य डॉ. जगत प्रकाश सिंह की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

निजी संवाद का महत्व

डीएम ने कहा कि संवाद कभी एकतरफा नहीं हो सकता। बच्चे जब तक सवाल नहीं पूछेंगे, तब तक संवाद और शिक्षा दोनों अधूरे रहेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मन में चल रहे सवाल, समस्याएं और भविष्य के सपने बिना झिझक साझा करें। एक छात्र ने मंच पर आकर बोलने में डर लगने की समस्या बताई। डीएम ने कहा कि यह स्थिति केवल बच्चों के साथ नहीं होती, बल्कि बड़े लोगों को भी कभी-कभी इसका सामना करना पड़ता है। जब हम सामने वाले को खुद से बहुत बड़ा मान लेते हैं तो झिझक पैदा होती है। इसका सबसे बेहतर इलाज अभ्यास है। लगातार बोलने और प्रयास करने से डर अपने आप खत्म हो जाता है।

लक्ष्य और एकाग्रता

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लक्ष्य तय करो, विकल्पों में मत उलझो

पढ़ाई के समय फोकस न बन पाने के सवाल पर डीएम ने कहा कि मन में कई विकल्प चलने लगें तो एकाग्रता टूट जाती है। कभी लगता है पढ़कर क्या होगा, कभी दोस्त खेलते नजर आते हैं तो कभी किसी दूसरे काम का ख्याल आने लगता है। ऐसे में सबसे पहले लक्ष्य तय करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक अंक, जेईई या नीट जैसे लक्ष्य निर्धारित करें और फिर शॉर्टकट की तलाश छोड़ दें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।

गलती के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण

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गलत उत्तर को देखकर घबराएं नहीं, गलती खोजने की जिद करें

एक छात्र ने सवाल किया कि जल्दबाजी में सवाल हल करते समय कुछ स्टेप छूट जाते हैं। तरीका सही होने के बावजूद उत्तर गलत आने पर तनाव होने लगता है। इस पर डीएम ने कहा कि गलत उत्तर पर तनाव नहीं, गलती पकड़ने की जिद पैदा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर गलत आने के बाद यह सोचें कि गलती हुई कहां। जब तक सही उत्तर न मिल जाए, सवाल को दोबारा हल करते रहें। जरूरत पड़े तो एक ही सवाल 10 बार हल करें, लेकिन यह पता लगाए बिना आगे न बढ़ें कि गलती क्यों हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦डीएम अंजनी कुमार सिंह ने छात्रों को क्या सलाह दी?−
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने छात्रों को पढ़ाई के साथ जीवन में आगे बढ़ने के टिप्स दिए और आत्मविश्वास से संवाद करने का प्रोत्साहन दिया।
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