एमडीएम की गुणवत्ता से समझौता नहीं, होगी कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी कड़ा नीरज उमराव ने 149 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और उच्च गुणवत्ता वाले राशन एवं ताज़ी सब्जियों का उपयोग अनिवार्य है।

खंड शिक्षा अधिकारी कड़ा नीरज उमराव ने सोमवार को कड़ा ब्लॉक क्षेत्र के 149 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी शिक्षकों को मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी शिक्षकों को निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप ही तैयार कराया जाए। भोजन में उच्च गुणवत्ता वाले राशन, ताजी हरी सब्जियां, मौसमी फल एवं शुद्ध दूध का ही उपयोग किया जाए। कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नीरज उमराव ने सभी प्रधानाध्यापकों से विद्यालयों में नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करने तथा स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा। स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक एवं सुरक्षित मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर ढंग से हो सके। यदि कहीं बासी हरी सब्जी, निम्न गुणवत्ता का राशन या दूध में पानी मिलाने जैसी शिकायत मिली तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


