15 को 20 साल बता मृतक आश्रितों के नियुक्ति का नहीं दिया ब्योरा
देवरिया में शिक्षा विभाग ने मृतक आश्रितों की नियुक्तियों का ब्योरा देने से इंकार कर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता राघवेन्द्र सिंह ने 2000 से 2015 तक की जानकारी मांगी थी। अधिकारियों ने 15 वर्ष की जगह 20 वर्ष बताकर सूचना देने से मना किया। अब राघवेन्द्र अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की कार्रवाई करेंगे।

देवरिया, निज संवाददाता। शिक्षा विभाग ने 15 को 20 साल बताकर मृतक आश्रितों की नियुक्ति का ब्योरा देने से इंकार कर दिया है। गोरखपुर के माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2000 से 2015 तक नियुक्ति की सूचना मांगी गयी थी। आरटीआई कार्यकर्ता ने मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। लेकिन गोरखपुर के डीआईओएस ने 20 साल बता मांगी गयी सूचना नहीं दी है।शहर के उमानगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राघवेन्द्र सिंह राकेश ने 3 जून-26 को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय गोरखपुर के जन सूचना अधिकारी से महज एक बिन्दु की सूचना मांगी।
उन्होंने वर्ष 2000 से 2015 तक गोरखपुर जिले के अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का नाम, जिन शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के निधन पर नियुक्ति की गयी उनक और कार्यरत विद्यालय का नाम, मृत्यु तिथि, मृतक से संबंद्ध, सेवायोजित किये गये विद्यालय का नाम, किस पद पर और किस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति की गयी इसकी प्रमाणित सूची मांगी। जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर ने 23 जून के पत्र के माध्यम से 15 साल के अंदर की मांगी गयी सूचना को 20 वर्षो से अधिक बताकर देने देने से इंकार कर दिया है। वर्ष 1999 में माता-पिता दोनों के नौकरी में होने पर आश्रित का लाभ नहीं देने का शासनादेश जारी किया गया। लेकिन इस शासनादेश की अनदेखी कर मृतक आश्रित कोटे के नाम पर नियुक्ति की गयी है। इसका खुलासा होने के भय से शिक्षा विभाग ने 15 साल की मांगी गयी सूचना को 20 साल का बताकर देने से इंकार कर दिया है। राघवेन्द्र सिंह ने अब इसकी शिकायत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और राज्य सूचना आयोग में करने का निर्णय लिया है।


