सीआरसी बनेगा अकादमिक संवाद केंद्र
समन्वयक हफ्ते में 2 स्कूल जाएंगे... सभी डीईओ व डीपीओ एसएसए को संशोधित मार्गदर्शिका भेजी है।सीआरसी स्तर पर अब हर महीने 3 शनिवार को

भगवानपुर, निज संवाददाता। शिक्षा विभाग ने पंचायत स्तर पर कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर को एक्टिव कर दिया है। नई गाइडलाइन के तहत अब सीआरसी सिर्फ प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि शिक्षक सहयोग,अकादमिक संवाद, सहकर्मी अधिगम और मेंटरिंग का मंच बनेगा। निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने सभी डीईओ व डीपीओ एसएसए को संशोधित मार्गदर्शिका भेजी है।
बैठक का आयोजन
सीआरसी स्तर पर अब हर महीने 3 शनिवार को बैठकें 11 बजे पूर्वाह्न से 1 बजे अपराह्न तक होंगी। माह के पहले शनिवार को कक्षा 1, 2 व 3 के नामित शिक्षक, दूसरे sábado को कक्षा 4 व 5 के शिक्षक तथा प्राथमिक कक्षाओं के अन्य शिक्षक जो प्रथम सप्ताह में उपस्थित नहीं हुए थे व तीसरे शनिवार को मिडिल स्कूल के कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक भाग लेंगे। शेष शनिवार विषय-विशेष बैठक, साझा योजना निर्माण या अन्य अकादमिक गतिविधियों के लिए की जा सकती है। बैठक मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए शैक्षणिक रणनीतियां, निपुण लोगो, सीनिपुण ट्रैकर की समीक्षा, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, कठिन विषयों का समाधान, कमजोर बच्चों के लिए रणनीति और शिक्षकों के नवाचार-केस स्टडी साझा करने से संबंधित होगा। बैठक में स्थानांतरण, नियुक्ति, भवन जैसे प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी। एजेंडा पिछली बैठक में तय होगा। हर बैठक का दस्तावेजीकरण होगा। अच्छे नवाचार जिला राज्य स्तर पर भेजे जाएंगे और उत्कृष्ट शिक्षकों को सीआरसी पर सम्मानित किया जाएगा।
नवीन व्यवस्था का उद्देश्य
अब समन्वयक सप्ताह में 2 दिन स्कूल जाएंगे। हर महीने कम से कम 8 स्कूल और 16 कक्षाओं का अवलोकन जरूरी है। पहले दिन कक्षा 1 से 4 व दूसरे दिन कक्षा 5 से 8 का अवलोकन करेंगे। हर भ्रमण में कम से कम 2 कक्षाओं का अवलोकन होगा। ई-शिक्षाकोष पर उपलब्ध क्लासरूम ऑब्जरवेशन टूल का उपयोग कक्षा अवलोकन के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य संसाधनों का आदान-प्रदान, कक्षा की गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों का सतत विकास और स्कूलों को साक्ष्य-आधारित अकादमिक सहयोग देना है। इस नई व्यवस्था से पंचायत स्तर पर शिक्षकों को नियमित सहयोग मिलेगा और विद्यालयों में कक्षा-कक्ष प्रक्रिया में सुधार होगा。


