शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी नहीं, समाज का विकास: एसडीएम
भोगांव। शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो व्यक्ति की मनोदशा को बदलकर देश और समाज में उसे एक सम्मानजनक स्थान दिलाती है।

शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो व्यक्ति की मनोदशा को बदलकर देश और समाज में उसे एक सम्मानजनक स्थान दिलाती है। शिक्षा कभी भी केवल नौकरी पाने के उद्देश्य से नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि एक शिक्षित व्यक्ति देश और समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बनता है। यह विचार एसडीएम नीरज कुमार द्विवेदी ने मंगलवार को जवाहर नवोदय विद्यालय में व्यक्त किए। एसडीएम ने विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय संकुल स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए मॉडलों को परखा। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के लिए शिक्षा का मंदिर होता है, जहां से ज्ञान प्राप्त कर वे भविष्य का निर्माण करते हैं।
प्रधानाचार्य राजेश यादव ने बताया कि विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनित होने वाले बच्चे उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। प्रदर्शनी में प्रदेश के कुल 23 जवाहर नवोदय विद्यालयों के 108 प्रतिभावान बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। प्रतियोगिता को निष्पक्ष बनाने के लिए रजनेश प्रसाद मिश्रा, डॉ. आनंद मोहन, जितेंद्र सिंह, प्रतोष अगम गुप्ता और मधुरिमा गुप्ता ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।


