टीएमसी के बैंक खातों में जमा 440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर रोक
अपडेट-1 नोट--कार्रवाई राजनीति से प्रेरित : टीएमसी, बॉक्स जोड़ा गया है अपडेट--दो बॉक्स जोड़े गए

कोलकाता/नई दिल्ली, एजेंसी। ईडी ने धन के गबन से जुड़े एक मामले में बैंक में जमा तृणमूल कांग्रेस के 440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17(1-ए) के तहत आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 440.42 करोड़ रुपये की यह राशि तृणमूल कांग्रेस के तीन निजी बैंक खातों में जमा हैं। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को कोलकाता में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज के परिसर भी शामिल थे। यह समूह केयरवेल एविएशन नाम से निजी विमान किराए पर उपलब्ध कराने वाली कंपनी का भी संचालन करता है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर की गई। इस राशि में से 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एम्ब्रोयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और एक अगस्ता वेस्टलैंड 109एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया।
बिना गारंटी के लोन लिए
ईडी ने बताया कि हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक कंपनी से 1.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बिना गारंटी वाला लोन लिया गया था। ईडी का आरोप है कि ये दोनों फ्लाइंग एसेट टीएमसी को किराए पर दिए गए थे, जबकि इन्हें पार्टी के फंड से खरीदा गया था। इसके बाद एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। ईडी ने कहा कि इस लेन-देन के असली मकसद का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
बैंक में रिपोर्ट दाखिल
ईडी ने कहा कि टीएमसी के तीन एचडीएफसी बैंक खातों में 440.42 करोड़ रुपये की राशि जमा है। इधर, बैंक ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर इन खातों में जमा राशि का खुलासा करने के लिए एक रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट ने रिपोर्ट नहीं खोली और सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी गई।
कार्रवाई राजनीति से प्रेरित : टीएमसी
टीएमसी ने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित, मनमाना और गैर-कानूनी बताया। उसने कहा कि पार्टी के बैंक खातों में मौजूद सभी फंड की जानकारी पूरी तरह और पारदर्शिता के साथ दी गई है। पार्टी ने सभी डोनेशन की जानकारी चुनाव आयोग और आयकर विभाग को सही तरीके से दी है। पार्टी ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी पहले से ही केंद्र सरकार के पास उपलब्ध है。
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