जेवीएल एग्रो घोटाला : 1992 करोड़ की धोखाधड़ी में 25 पर शिकंजा, ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ 1992 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष अदालत में शिकायत दर्ज की है। अदालत ने 25 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। जांच में प्रमोटर सत्य नारायण झुनझुनवाला का नाम शामिल है।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर अभियोजन शिकायत पर पीएमएलए की विशेष अदालत ने जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े 1992 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संज्ञान ले लिया है। अदालत ने इस मामले में कंपनी, उसके प्रमोटरों और सहयोगी फर्मों सहित 25 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।
विशेष न्यायालय का आदेश
विशेष न्यायालय पीएमएलए लखनऊ की न्यायाधीश मधु डोगरा ने सात जुलाई को दिए आदेश में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 3 के साथ धारा 70 और धारा 4 के तहत दंडनीय अपराधों का संज्ञान लिया। ईडी ने 25 नवंबर 2025 को शिकायत दायर की थी। ईडी की जांच सीबीआई लखनऊ की एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है। जांच में सामने आया कि प्रमोटर सत्य नारायण झुनझुनवाला के नियंत्रण वाली जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज ने अनिल कुमार खेमका द्वारा संचालित फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए बैंक से मिली कार्यशील पूंजी का गबन किया। इस रकम को कई समूह कंपनियों, प्रमोटरों और प्रमुख अधिकारियों के माध्यम से घुमाकर फिर तरजीही वारंट और इक्विटी के जरिए कंपनी में ही वापस लगा दिया गया। इससे प्रमोटरों की शेयरधारिता कृत्रिम रूप से बढ़ गई और धन के असली स्रोत को छिपाया गया।
झूठी वित्तीय जानकारी
ईडी के अनुसार, कंपनी ने फर्जी लेनदेन, कारोबार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना, इन्वेंट्री में हेरफेर और विदेशी मुद्रा घाटे को छिपाकर वित्तीय विवरणों से छेड़छाड़ की। इन्हीं गलत आंकड़ों के आधार पर बैंकों के समूह से धोखाधड़ी से ऋण लिया गया और उसे आगे बढ़ाया गया। इससे बैंकों को लगभग 1,992 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और उनके खाते एनपीए में बदल गए।
संपत्ति कुर्क और तलाशी
जांच के दौरान ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत 13 स्थानों पर तलाशी ली। आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। धारा 50 के तहत आरोपियों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बैंक और कंपनी के रिकॉर्ड भी खंगाले गए। अब तक एक करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त किया जा चुका है। इसके अलावा पीएमएलए के तहत 878.67 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है।
मामले की आगे की जांच
ईडी ने अपनी शिकायत में जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सत्य नारायण झुनझुनवाला, अनिल कुमार खेमका और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों समेत कुल 25 आरोपियों को नामजद किया है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की जांच जारी है।


