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1 मार्च तक समीर वानखेड़े को गिरफ्तार नहीं करेंगे, HC के सामने ईडी ने ऐसा प्रण क्यों लिया; जानें

ईडी ने बॉम्बे हाई कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह 1 मार्च तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व मुंबई जोनल निदेशक समीर वानखेड़े को गिरफ्तार नहीं करेगा, क्योंकि अभी सुनवाई चल रही है।

1 मार्च तक समीर वानखेड़े को गिरफ्तार नहीं करेंगे, HC के सामने ईडी ने ऐसा प्रण क्यों लिया; जानें
Gaurav Kalaहिन्दुस्तान टाइम्स,मुंबईTue, 20 Feb 2024 05:25 PM
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह 1 मार्च तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व मुंबई जोनल निदेशक समीर वानखेड़े को गिरफ्तार नहीं करेगा। मामला 11 मई 2023 को सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है। वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर 2021 में क्रूज शिप ड्रग्स भंडाफोड़ मामले में आर्यन खान के खिलाफ केस दर्ज न करने के बदले अभिनेता शाहरुख खान से 25 करोड़ की उगाही की कोशिश की थी।

आर्यन खान को अक्टूबर 2021 में वानखेड़े के नेतृत्व वाली एक टीम ने गिरफ्तार किया था लेकिन बाद में आर्यन को एनसीबी से क्लीन चिट मिल गई थी। वानखेड़े और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद शुरू की गई। एनसीबी की आंतरिक सतर्कता जांच के बाद सीबीआई ने वानखेड़े के खिलाफ मामला दर्ज किया।

भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी वानखेड़े ने उनके खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने और दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा का अनुरोध करने के लिए 6 फरवरी को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ मामला द्वेष और प्रतिशोध से प्रेरित है।

15 फरवरी को, जब वानखेड़े की याचिका पहली बार सुनवाई के लिए आई, तो ईडी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील संदेश पाटिल ने निर्देशों पर कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी को मंगलवार यानी 20 फरवरी तक ईडी द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

20 फरवरी को फिर जब याचिका सुनवाई के लिए आई, तो पाटिल ने न्यायमूर्ति पीडी नाइक और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की खंडपीठ को सूचित किया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ईडी की ओर से बहस करने के लिए मामले में पेश होंगे और स्थगन की मांग की। इसके बाद पीठ ने मामले को 1 मार्च को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया।

सुनवाई के दौरान, पीठ ने वानखेड़े के खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर की एक प्रति मांगी, लेकिन आईआरएस अधिकारी के वकील, वरिष्ठ वकील अबाद पोंडा ने ऐसा करने में असमर्थता व्यक्त की। इसके बाद पीठ ने ईडी को सुनवाई की अगली तारीख पर उसके अवलोकन के लिए ईसीआईआर की एक प्रति जमा करने का निर्देश दिया। साथ ही सुनिश्चित किया कि वानखेड़े पर 1 मार्च तक कोई ऐक्शन न लिया जाए।

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