ईडी ने अतिरिक्त कलेक्टर को गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अनियमितता से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 2019 से 2022 के बीच हुई ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में कार्यरत रहे। ईडी ने मामले में अन्य अधिकारियों को भी हिरासत में लिया है।

छत्तीसगढ़ पीसीएस में अनियमितता के मामले में कार्रवाई रायपुर, एजेंसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीसीएस) में हुई अनियमितता से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शुक्रवार को हुई। बोरघरिया बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ हैँ।अधिकारियों ने बताया कि बोरघरिया को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया है। वह 2019 से 2022 के बीच राज्य में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) थे। अधिकारियों ने बताया कि बोरघरिया को पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में देने का अनुरोध करेगी।
इससे पहले केंद्रीय एजेंसी ने मामले में छत्तीसगढ़ पीएससी के अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी और बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्रवंशी के भतीजे उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। धनशोधन का यह मामला छत्तीसगढ़ पीएससी की ओर से 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्न पत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़ा है।


