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सिख और ईसाई महिलाएं ज्यादा करती हैं नौकरी, हिंदू महिलाएं अधिक दिहाड़ी मजदूरी करती हैं

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देश में मुस्लिम समुदाय के लोग सबसे ज्यादा स्वरोजगार से जुड़े हैं। इसके साथ ही दिहाड़ी मजदूरी करने वालों में भी सबसे अधिक मुस्लिम हैं। आबादी के हिसाब से ईसाई समुदाय के लोग सबसे ज्यादा नौकरी पेशा हैं। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ईसाइयों की संख्या भी सबसे कम हैं। ईसाई और सिखों में पुरुषों के मुकाबले बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी करती हैं।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय की आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी पेशा में सिख समुदाय, ईसाई धर्म के मानने वालों के बाद दूसरे नंबर हैं। वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 36.6 फीसदी ईसाई नौकरी पेशा हैं। जबकि  27.6 प्रतिशत सिख नौकरी करते हैं। सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 51.2 फीसदी स्वरोजगार से जुड़े हैं।

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हिंदू महिलाएं अधिक दिहाड़ी मजदूरी करती हैं
देश में विभिन्न धार्मिक समूहों के रोजगार के बारे में तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू धर्म की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक दिहाड़ी मजदूरी करती हैं। जबकि सिख समुदाय और ईसाइयों में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक नौकरी पेशा हैं। वहीं, नौकरी करने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों में पुरुषों और महिलाओं में ज्यादा फर्क नहीं है।

गांवों में ज्यादा दिहाड़ी मजदूर
शहर के मुकाबले गांवों में ज्यादा दिहाड़ी मजदूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करीब 29 फीसदी हिंदू दिहाड़ी मजदूर हैं, तो 31 प्रतिशत मुसलिम मजदूरी करते हैं। शहर में दूसरे धर्मों के मुकाबले मुस्लिम सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। करीब 19 फीसदी शहरी मुस्लिम मजदूरी पर निर्भर है। वहीं, सिर्फ 9.5 प्रतिशत सिख दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।

हालात
2.8 फीसदी का अंतर है मुस्लिम समुदाय की आबादी के हिसाब से नौकरी करने में पुरुषों और महिलाओं में।
3.2 प्रतिशत का फर्क है हिंदू धर्म में नौकरी करने वाले पुरुषों और महिलाओं में।
14.4 फीसदी ज्यादा महिलाएं नौकरी करती हैं ईसाइयों में पुरुषों के मुकाबले।
10.3 प्रतिशत महिलाएं अधिक नौकरी करती हैं सिख समुदाय में।

स्वरोजगार : शहरों में मुस्लिम सबसे आगे
48 फीसदी मुस्लिम स्वरोजगार से जुड़े हैं शहरी क्षेत्र में रहने वाले, वहीं 33 फीसदी नौकरी पेशा हैं।
 36.9 फीसदी हिंदू स्वरोजगार करते हैं शहर में रहने वाले और 49 फीसदी नौकरी करते हैं।
 57.6 फीसदी नौकरी पेशा हैं ईसाइयों में। जबकि शहर में रहने वाले 47.1 फीसदी सिख नौकरी करते हैं।

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  • Web Title:Economic Survey 2019 Sikhs And Christian Womens Doing More Job Hindu Womens Do daily wages