इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, विकसित होगा एक खास डेस्टिनेशन
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने वन जिला-वन डेस्टिनेशन योजना के तहत हर जिले में एक वन क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी की है। नोएडा का चिड़ियाघर-पार्क विकसित किया जाएगा और अन्य जिलों के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार की वन जिला-वन डेस्टिनेशन योजना के तहत मेरठ मंडल के प्रत्येक जिले में एक वन क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जहां पर्यटकों को प्रकृति के करीब पहुंचने का अवसर मिल सके। इसके लिए वन विभाग ने सभी जिलों में संभावित स्थलों के चयन और विकास की कार्ययोजना तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। योजना के तहत मेरठ, हापुड़, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में एक प्रमुख स्थल को विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इन स्थलों पर प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और वन क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए इको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशने के साथ ही पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर जोर रहेगा। उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों से जुड़ने का अवसर भी मिले।
नोएडा का प्रस्ताव तैयार
योजना के तहत नोएडा में चिड़ियाघर-पार्क को विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसी तर्ज पर मेरठ मंडल के अन्य जिलों में भी उपयुक्त स्थलों की पहचान की जा रही है। मेरठ जिले में हस्तिनापुर को खास डेस्टिनेशन को विकसित करने के लिए योजना तैयार की जा रही है।
अधिकारियों से मांगी कार्ययोजना
मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी जोन के. इलन्गो और वन संरक्षक आदर्श कुमार ने मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के सभी जिलों के जिला वन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से इस महीने के भीतर अपने-अपने जिले के लिए संभावित इको टूरिज्म स्थल का चयन करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रिपोर्ट मांगी गई है।


