माल ढुलाई से पूर्वी रेलवे की 5 माह में 3.95 करोड़ रिकॉर्ड कमाई
पूर्वी रेलवे ने इस वित्त वर्ष में माल ढुलाई से 3 करोड़ 95 लाख 64 हजार रुपए का राजस्व हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 304.83 करोड़ रुपए अधिक है। कोयला, लौह अयस्क और खाद्यान्न के लदान में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है। रेलवे का ध्यान बेहतर संचालन और ग्राहक संतोष पर है।

जसीडीह, प्रतिनिधि। पूर्वी रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में माल ढुलाई के जरिए कमाई का दमदार प्रदर्शन किया है। 31 अगस्त तक रेलवे ने माल ढुलाई से 3 करोड़ 95 लाख 64 हजार रुपए का राजस्व हासिल किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 3,651.56 करोड़ रुपए की तुलना में 304.83 करोड़ रुपए अधिक है। माल ढुलाई से होने वाली आय में 8.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, माल लदान भी 39.76 मिलियन टन से बढ़कर 41.62 मिलियन टन पहुंच गया। इसमें 1.85 मिलियन टन यानी 4.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। लदान की तुलना में राजस्व वृद्धि की रफ्तार करीब दोगुनी रही, जो रेलवे की माल ढुलाई से बढ़ती कमाई को दर्शाती है।
कोयला ढुलाई का महत्वपूर्ण योगदान
पूर्वी रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के नेतृत्व में हासिल उपलब्धि में कोयला ढुलाई कमाई का सबसे बड़ा आधार बनी रही। कोयला लदान 25.79 मिलियन टन से बढ़कर 28.48 मिलियन टन पहुंच गया। इसमें 2.69 मिलियन टन यानी 10.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कोयला ढुलाई से रेलवे की आय भी 2,333.56 करोड़ रुपए से बढ़कर 2,764.56 करोड़ रुपए हो गई। इस मद में 431.01 करोड़ रुपए यानी 18.47 प्रतिशत की अतिरिक्त कमाई हुई।
लौह अयस्क और खाद्यान्न में भी तेज बढ़त
माल ढुलाई के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी पूर्वी रेलवे ने बेहतर प्रदर्शन किया। लौह अयस्क के लदान में 45.31 प्रतिशत और खाद्यान्न में 42.99 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। क्लिंकर लदान भी 1.40 प्रतिशत बढ़ा। रेलवे के अनुसार, लौह अयस्क और क्लिंकर से प्राप्त राजस्व में भी पर्याप्त वृद्धि हुई है। कुल माल लदान में कोयले की हिस्सेदारी सबसे अधिक 68.43 प्रतिशत रही। इसके बाद सीमेंट 5.63 प्रतिशत, लोहा व इस्पात 4.65 प्रतिशत और उर्वरक 1.71 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ रहे। अन्य वस्तुओं की हिस्सेदारी 18.04 प्रतिशत रही। पूर्वी रेलवे का परिचालन क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार तक फैला है। ऐसे में माल ढुलाई में बढ़ोतरी इन राज्यों के ऊर्जा, खनन, इस्पात, निर्माण और कृषि क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
बेहतर परिचालन से बढ़ी कमाई
रेलवे के अनुसार, बेहतर माल प्रबंधन, कुशल परिचालन योजना, रेलवे परिसंपत्तियों के अनुकूलतम उपयोग और औद्योगिक मांग के अनुरूप तैयार सेवाओं का असर माल ढुलाई के प्रदर्शन पर पड़ा है। पूर्वी रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक डॉ. उदय शंकर झा के मार्गदर्शन में ग्राहक-केंद्रित वाणिज्यिक रणनीतियों पर भी जोर दिया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी
पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि माल ढुलाई में वृद्धि ग्राहक संतोष और परिचालन उत्कृष्टता पर रेलवे के निरंतर ध्यान का परिणाम है। रेलवे क्षेत्र के आर्थिक विस्तार को गति देने के लिए माल सेवाओं को और अधिक प्रतिस्पर्धी, प्रभावी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


