स्कूलों में शारीरिक दंड देने वाले शिक्षकों की पहचान करेगा विभाग
पूर्वी सिंहभूम के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की योग्यता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। हालिया घटनाओं के मद्देनजर, सभी विद्यालयों को शारीरिक दंड पर रोक और योग्य शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। आरटीई अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और निरीक्षण किया जाएगा।

पूर्वी सिंहभूम में स्कूलों के भीतर बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और शिक्षकों की अर्हता को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। हाल ही में अन्य राज्यों में होमवर्क पूरा न करने पर बच्चों के साथ हुई अवांछित घटनाओं और आरटीई अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा सभी निजी और सरकारी विद्यालयों के प्रबंधन को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें केन्द्रीय और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विदित हो कि पिछले दिनों शहर के एक शिक्षाविद कार्तिक चन्द्र साव के माध्यम से मामले में जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन देने के बाद यह प्रशासनिक हलचल तेज हुई है, जिसमें स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले शारीरिक या मानसिक दंड पर रोक लगाने और योग्य शिक्षकों की तैनाती की मांग की गई थी। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के तहत विद्यालयों में किसी भी प्रकार के शारीरिक दंड या प्रताड़ना का कोई प्रावधान नहीं है, बल्कि इसकी सख्त मनाही है। इसके बावजूद यदि शिक्षण संस्थानों में बच्चों को डराया-धमकाया जाता है या नियमों की अनदेखी होती है तो विभाग इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इसको लेकर अब जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा सभी स्कूल प्रबंधनों से शिक्षकों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रशिक्षण (बीएड, डीएलएड, एनटीटी आदि) और टीईटी (टेट) उत्तीर्णता से जुड़ी नियमित रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए विशेष निगरानी और औचक निरीक्षण की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक बच्चा भयमुक्त और गुणवत्तापूर्ण माहौल में शिक्षा प्राप्त करे। विभाग ने स्पष्ट किया कि आरटीई अधिनियम और तय गाइडलाइन की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन तथा दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


