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थर्राई धरती: भूकंप के झटकों से हिला दिल्ली-NCR समेत पूरा उत्तर भारत

caledonia earthquake

दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.5 थी। इसका केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के पास कालीमठ था। विभाग के राष्ट्रीय भूकंप-विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप रात करीब 8:49 बजे आया। जानमाल की क्षति की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा उत्तराखंड 'हाई सिस्मिक जोन में आता है लिहाजा यहां बड़े भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।

भूकंप के झटकों से हिला उत्तराखंड, रुद्रप्रयाग जिले में था केंद्र

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भूकंप के झटके करीब दस सेकेंड तक मसहूस किए गए। भूकंप 30 किमी गहराई में था। बुधवार रात को अचानक घरों में रखा सामान, पंखे और बर्तन हिलने लगे। लगातार महसूस किए गए भूकंप के इन झटकों से बचने के लिए लोग घरों से बाहर आ गए। झटकों को दिल्ली, एनसीआर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर सहित यूपी के अधिकांश हिस्से और उत्तारखंड में महसूस किया गया। देहरादून के वाडिया हिमालयन इंस्टीट्यूट ने हाल ही में उत्तराखंड क्षेत्र में हल्के भूंकप के आने की आशंका जताई थी। 

 

गहराई अधिक होने से टल गया बड़ा खतरा

वैज्ञानिकों के मुताबिक 10 किमी गहराई पर इतनी गहराई का भूकंप ढा सकता है कहर

बुधवार शाम को आए भूकंप की तीव्रता 5.5 थी जो मध्यम श्रेणी में गिना जाता है। राहत की बात यह है कि इसका केंद्र जमीन से करीब 30 किमी नीचे था, वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि इतनी तीव्रता का भूकंप 10 किमी की गहराई पर आता तो देहरादून समेत कई जिलों के लिए यह घातक साबित हो सकता था।

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बीते दिनों देहरादून में भूंकप से निपटने की तैयारियों पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में नॉर्वेजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट नोरसार, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जूयोलॉजी देहरादून और आईआईटइी रुड़की के वैज्ञानिकों का संयुक्त अध्ययन के नतीजे जारी किए गए । इसमें वैज्ञानिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि देहरादून में पांच तीव्रता का भूकंप भी दस किमी की गहराई पर आता है तो देहरादून के छह प्रतिशत भवन नष्ट हो जाएंगे। खासकर रात के समय भूकंप आने से जानमाल के नुकसान की भी आशंका है। जबकि बुधवार का भूकंप तो 5.5 की तीव्रता का था। जाहिर है भूकंप का केंद्र अधिक गहरा होने के चलते फिलहाल एक बड़ी विपदा टल गई है। 

भूकंप के सबसे खतरनाक जोन 
जोन पांच:- हिमालय, गोवाहटी और श्रीनगर जैसे क्षेत्र।
जोन चार:- देहरादून, दिल्ली, जमुनानगर, पटना, मेरठ, जम्मू, अमृतसर और जालंधर।
जोन तीन:- अहमदाबाद, बड़ोदरा, राजकोट, सूरत, मुंबई, आगरा, विभाड़ी, नासिक, कानपुर, पुणे, भुवनेश्वर, कटक, आसनसोल, कोच्चि, कोलकाता, वाराणसी, बरेली, लखनऊ, इंदौर, जबलपुर, विजयवाड़ा, धनबाद, चेन्नई, कोयंबटूर, मैंगलोर, कोजीकोढ, त्रिवेन्द्रम। 

रिक्टर स्केल का असर 
0 से 1.9:- सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है
2.0 से 2.9:- हल्का कंपन 
3.0 से 3.9:- किसी ट्रक के नजदीक से गुजरने जैसा।
4.0 से 4.9:- खिड़कियां टूटना, 
5.0 से 5.9:- फर्नीचर का हिलना 
6.0 से 6.9:- इमारतों की नींव दरकना
7.0 से 7.9:- इमारतों का गिरना
8.0 से 8.9:- इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
9.0 से अधिक:- पूरी तबाही। 
नोट:- भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है। 

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  • Web Title:earthquake in delhi ncr uttarakhand and west UP
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