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हिंदी को संयुक्त राष्ट्र में मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत : सुषमा स्वराज

External affairs minister Sushma Swaraj। (file Photo)

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने के लिए प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। विदेश मंत्री ने मॉरीशस में आयोजित हो रहे विश्व हिंदी सम्मेलन को हिंदी का महत्व बढ़ाने के साथ विभिन्न देशों में लुप्त हो रही हिंदी को बचाने के प्रयास से जोड़ा है। विदेश मंत्री ने कहा कि गिरमिटिया देशों में चिंता है कि हिंदी धीरे-धीरे लुप्त हो रही हे। भारत हिंदी को बचाने में अहम योगदान दे सकता है। इसी उद्देश्य से मॉरीशस के राष्ट्रीय पक्षी डोडो को विलुप्त हो रही हिंदी का प्रतीक मानते हुए भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर के साथ विश्व हिंदी सम्मेलन का साझा लोगो तैयार किया गया है। 
संस्कृति के विभिन्न आयामों पर चर्चा
सुषमा ने कहा मॉरीशस में 18 से 20 अगस्त के बीच आयोजित हो रहा विश्व हिंदी सम्मेलन काफी व्यापक और भव्य होगा। इसकी थीम हिंदी विश्व और भारतीय संस्कृति है। इसमें संस्कृति के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी। आठ उप सत्र होंगे। सम्मेलन का उद्घाटन मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण जगन्नाथ करेंगे। उनके साथ मृदुला सिन्हा और केशरीनाथ त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

जिस परिसर में कार्यक्रम होगा उसका नाम गोस्वामी तुलसीदास नगर रखा गया है। प्रमुख सभागार अनिरुद्ध जगन्नाथ के नाम पर होगा जबकि एक अन्य सभागार गोपाल दास नीरज के नाम पर रखा गया है। सम्मेलन के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से दो-दो नाम मांगे गए थे। सुषमा ने कहा कि सभी 29 प्रदेशों व केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व सम्मेलन में हो रहा है।

हिंदी के लिए विशेष प्रयास
सुषमा स्वराज ने हिंदी के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की पहल पर संयुक्त राष्ट्र से पायलट परियोजना के आधार पर हिंदी में साप्ताहिक समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू किया गया है। हिंदी में संयुक्त राष्ट्र में ट्विटर एकाउंट भी खोला गया है। सुषमा स्वराज ने कहा, अब पूरा विश्व हिंदी में समाचार सुन सकता है। इसे संयुक्त राष्ट्र में हिंदी के प्रभावी प्रवेश के तौर पर देखा जाता है। इसके साथ ही वेबसाइट पर प्रमुख दस्तावेज हिंदी में डाल दिए गए हैं। विश्व हिंदी सचिवालय का स्थायी भवन बनकर तैयार हो गया है और राष्ट्रपति इसका उद्घाटन कर चुके हैं।  

आधिकारिक भाषा के लिए जद्दोजहद
 हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने के बारे में अड़चनों का जिक्र  करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत से पारित करने के साथ सभी सदस्य देशों को इस पर होने वाले खर्च के लिए अंशदान करना होता है। उन्होंने कहा कि हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र में 129 देशों का समर्थन जुटाना कठिन काम नहीं है। लेकिन सभी समर्थक देशों पर आर्थिक बोझ के नियम से रोड़ा बना हुआ है।

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  • Web Title:EAM Swaraj hails UN for starting Hindi Twitter handle