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15 सितम्बर, 2020|8:12|IST

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भगवान राम को नेपाली बताने वाला पड़ोसी बुद्ध को भारतीय कहने पर भड़का, विदेश मंत्रालय ने समझाया

lord budha

भारत ने गौतम बुद्ध की जन्मस्थली को लेकर उत्पन्न विवाद को खारिज करते हुए रविवार (9 अगस्त) को कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की उन पर टिप्पणी ''हमारी साझा बौद्ध विरासत" के बारे में थी और इसमें कोई संदेह नहीं है कि बौद्ध धर्म के संस्थापक का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ था। जयशंकर ने शनिवार (8 अगस्त) को एक वेबिनार में भारत के नैतिक नेतृत्व में बात रखी और बताया कि कैसे भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी की सीख आज भी प्रासंगिक हैं। हालांकि, नेपाली मीडिया में आयी खबरों में कहा गया है कि जयशंकर ने बुद्ध को भारतीय बताया।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने रविवार को कहा कि शनिवार को एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री की टिप्पणी ''हमारी साझा बौद्ध विरासत के बारे में थी।  उन्होंने कहा, ''इसमें कोई संदेह नहीं है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ था, जो नेपाल में है।"

इससे पहले दिन में नेपाली मीडिया में आई जयशंकर की टिप्पणियों पर आप्पति जताते हुए नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ''यह सु-स्थापित और ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर साबित अकाट्य तथ्य है कि बुद्ध का जन्म लुम्बिनी, नेपाल में हुआ था।" नेपाल विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि बुद्ध की जन्मस्थली और बौद्ध धर्म की स्थापना से जुड़े स्थानों में से एक लुम्बिनी, यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में से एक है। नेपाल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 2014 के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नेपाल की संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि नेपाल वह देश है, जहां दुनिया के शांति के दूत बुद्ध ने जन्म लिया था। 

ओली ने भगवान राम को बताया था नेपाली
इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने भगवान राम को नेपाली बताकर विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था, "असली अयोध्या नेपाल में है, न कि भारत में। भगवान राम नेपाली हैं न कि भारतीय।" हालांकि, खुद उनकी पार्टी के नेताओं और नेपाल के लोगों ने ओली के बयान की निंदा की थी। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता बामदेव गौतम ने बिना किसी सबूत इस तरह के दावे को लेकर पीएम की ओलोचना की थी।  इतना ही नहीं, केपी शर्मा ओली ने नेपाल में राम की मूर्ति बनवाने और इसे भगवान राम की जन्मस्थली के रूप में प्रचारित करने का आदेश भी दिया है। चितवन के स्थानीय अधिकारियों से फोन पर बात करते हुए ओली ने कहा कि सभी सबूत यह साबित करते हैं कि भगवान राम का जन्म नेपाल की अयोध्यापुरी में हुआ था, भारत में नहीं। उन्होंने सबूत जुटाने के लिए खुदाई कराने का भी आदेश दिया है।

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  • Web Title:EAM S Jaishankar Gautam Buddha Indian Nepal Objection MEA Statement