ई-20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों पर ध्यान न दें: शैलेश तिवारी
देहरादून में उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल) के बारे में सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह ईंधन सुरक्षित है और किसानों को आर्थिक लाभ भी पहुंचाएगा। कुछ लोगों ने माइलेज में कमी की शिकायत की है, लेकिन ई-20 का प्रयोग दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।

देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने कहा है कि ई-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जबकि यह ईंधन सरकार की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है और नए वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।उन्होंने बताया कि ई-20 में 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है, जिससे देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। कहा कि एथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। हालांकि कुछ लोगों ने ई-20 के प्रयोग के बाद गाड़ी माइलेज में कमी आने की शिकायत की है।
सरकार ने भी तीन से छह फीसदी माइलेज में कमी आने की संभावना स्वीकार की है। बताया कि बीएस-6 मानकों वाले नए वाहन इस ईंधन के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि यदि किसी वाहन में कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसे सीधे ई-20 पेट्रोल से जोड़ने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर में जांच कराएं। शैलेश तिवारी ने कहा कि सरकार पिछले दो दशकों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति पर काम कर रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।


