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हीट स्ट्रोक की मार, काम नहीं कर रहे अंग; एक्शन में आई केंद्र सरकार, अस्पतालों को निर्देश

उत्तर-पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाकों में मंगलवार को भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और रातें सामान्य से अधिक गर्म रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

हीट स्ट्रोक की मार, काम नहीं कर रहे अंग; एक्शन में आई केंद्र सरकार, अस्पतालों को निर्देश
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 07:36 PM
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से होने वाली परेशानियों की शिकायत करने वाले मरीजों की बाढ़ सी आ गई है। केंद्र ने शहर के अस्पतालों से हीट स्ट्रोक के मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करने को कहा है। बुधवार को सरकारी एलएनजेपी अस्पताल ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में हीट स्ट्रोक के कारण दो लोगों की मौत हो गई है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा, "फिलहाल एलएनजेपी अस्पताल में नौ मरीज भर्ती हैं। नौ मरीजों में से चार मरीज गंभीर हालत में हैं। हीटस्ट्रोक के कारण कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। 16 जून को हीटस्ट्रोक के कारण एक मरीज की मौत हो गई थी। हीटस्ट्रोक के मरीजों का समय पर इलाज बहुत जरूरी है, नहीं तो इससे कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं।"

अस्पतालों में स्पेशल हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सभी केंद्रीय अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं। नड्डा ने बुधवार को यहां भीषण गर्मी से उत्पन्न स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों में स्पेशल हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में भीषण गर्मी से पीड़ितों के उपचार की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

दिल्ली में तापमान में वृद्धि होने के साथ ही दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अस्पतालों में लू लगने और गर्मी से थकावट की शिकायत वाले मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों ने भीषण गर्मी के बीच बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पिछले महीने घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में लू लगने के मरीजों के लिए दो-दो बिस्तर आरक्षित रहेंगे, जबकि लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में पांच बिस्तर आरक्षित रहेंगे।

कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत

एलएनजेपी अस्पताल की उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रितु सक्सेना ने कहा,‘‘ हमारे पास हर दिन आठ से 10 मरीज आ रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत है। कल हमारे पास दो मरीज आए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और उससे पहले चार मरीज आईसीयू में भर्ती हुए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ गंभीर रूप से बीमार होने वाले मरीज वे हैं जो बुज़ुर्ग हैं या जिन्हें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) जैसी सह-रुग्णताएं हैं। हमें पास बाबू जगजीवन राम अस्पताल और सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल जैसे अन्य अस्पतालों से भी कुछ मरीज आ रहे हैं।’’

सर गंगा राम अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एम वली ने बताया कि अभूतपूर्व गर्मी के कारण लू लगने, थकावट और हीट हाइपरपीरेक्सिया जैसी समस्याएं होती हैं। डॉ. एम वली ने कहा, ‘‘फेफड़े की बीमारी, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित बुजुर्गों को अधिक जोखिम है। उन्हें अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए और अपना इलाज जारी रखना चाहिए। इस बार गर्मी की स्थिति असामान्य है। हमें आशंका है कि अगले साल यह और भी ज़्यादा गंभीर होगी।’’

कॉफी का सेवन कम करें

तायल ने लोगों को प्रतिदिन कम से कम दो से ढाई लीटर पानी या तरल पदार्थ पीने तथा शराब का सेवन कम करने की सलाह दी, क्योंकि इससे निर्जलीकरण हो सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लोग चाय और कॉफी का सेवन कम करें, क्योंकि इससे शरीर से पानी की कमी हो जाती है। दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और सोमवार को तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक है।

केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। दिल्ली में गर्मी के साथ-साथ पानी की भी किल्लत बढ़ती जा रही है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने धमकी दी है कि अगर कुछ दिनों में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह 21 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।

उत्तर, पूर्वी भारत के कई इलाके भीषण गर्मी की चपेट में ; रात का तापमान भी बढ़ा

उत्तर और पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाकों में मंगलवार को भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और रातें सामान्य से अधिक गर्म रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि उत्तर प्रदेश, दक्षिण उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तरी मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी की स्थिति बनी हुई है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों और उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिण बिहार और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। भीषण गर्मी पड़ने के दौरान, पिछले 24 घंटों में नोएडा के विभिन्न इलाकों में सात लोग बिना किसी चोट के मृत पाए गए। पुलिस ने मंगलवार को कहा कि इनकी मौतों के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

भीषण गर्मी के कारण बड़ी संख्या में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जलाशयों और नदियों में जल स्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। सिंचाई के लिए पानी की कमी से कुछ क्षेत्रों में खेती पर असर पड़ा है। बिजली ग्रिड पर भारी दबाव है और शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।