संगमनगरी को नशे का हब बना रहे तस्कर, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
प्रयागराज में अब मादक पदार्थों का कारोबार केवल खपत तक सीमित नहीं रहा। यहां ड्रग फैक्टरी का खुलासा हुआ है जो तस्करों के नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है। मुंबई पुलिस ने 52.932 किलो एमडी और अन्य सामग्री बरामद की। पुलिस ने तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। संगमनगरी की पहचान अब तस्करों के लिए सिर्फ मादक पदार्थों की खपत वाले शहर तक सीमित नहीं रह गई है। जिले की भौगोलिक स्थिति और दूसरे राज्यों से जुड़ी सड़क व रेल यातायात का फायदा उठाकर नशे के कारोबार से जुड़े गिरोह प्रयागराज को ट्रांजिट प्वाइंट के साथ उत्पादन केंद्र के तौर पर भी इस्तेमाल करने लगे हैं। मांडा के कोसड़ाकला में करीब सात महीने से खेत में टीनशेड के भीतर चल रही एमडी ड्रग की फैक्टरी के खुलासे ने इस नेटवर्क की गंभीरता सामने ला दी है।
मुम्बई पुलिस की कार्रवाई
मुंबई पुलिस की कार्रवाई में फैक्टरी से 52.932 किलो एमडी, करीब 260 लीटर रसायन और बड़ी संख्या में लैब उपकरण बरामद हुए। जांच में प्रयागराज के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और दूसरे राज्यों तक गिरोह के तार जुड़े मिले हैं। मांडा का मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि आरोपियों ने फूलों की नर्सरी के नाम पर दो बीघा जमीन किराए पर ली और चारों तरफ टीनशेड लगाकर अंदर ड्रग फैक्टरी संचालित करते रहे। जमीन मालिक तक को भीतर जाने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और एसओजी को इसकी भनक नहीं लगना निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की सक्रियता
हालांकि, यह पहला मामला नहीं है जब प्रयागराज में मादक पदार्थों के उत्पादन की तस्वीर सामने आई हो। पूर्व में गंगापार और यमुनापार में गांजे की अवैध खेती भी पकड़ी जा चुकी है। इसके अलावा गैर प्रांतों से मादक पदार्थ प्रयागराज लाकर पूर्वांचल और आसपास के जिलों में खपाने के मामले भी सामने आते रहे हैं। मुंबई पुलिस के मांडा की फैक्टरी के खुलासे के बाद पुलिस आयुक्त ने चारों जोन की एसओजी टीम भंग कर दिया। माना जा रहा है कि नई एसओजी को ड्रग नेटवर्क, तकनीकी सर्विलांस और अंतरराज्यीय गिरोहों की पड़ताल पर विशेष रूप से लगाया जाएगा। चुनौती सिर्फ तस्करों को पकड़ने की नहीं, बल्कि प्रयागराज को नशे के नेटवर्क का केंद्र बनने से रोकने की है।
डीसीपी की कार्रवाई
डीसीपी ने खुद पहुंचकर की पड़ताल
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने दो दिन पहले कोसड़ाकला गांव पहुंचकर अवैध एमडी फैक्टरी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मांडा पुलिस समेत जमीन मालिक और स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ की। पुलिस टीम ने ड्रोन के माध्यम से आसपास पहाड़ी इलाकों में गिरोह के नेटवर्क को भी खंगालने का प्रयास किया। सूत्रों की मानें तो गिरोह की सप्लाई चेन समेत अन्य नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पुलिस की धरपकड़
एकबार फिर से सक्रिय हुई पुलिस
मांडा में एमडी ड्रग की फैक्टरी का खुलासा होने के बाद पुलिस एकबार फिर से सक्रिय हो गई है। खासकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने रविवार को 1,024 ग्राम अवैध गांजा के साथ दो तस्करों को रिंग रोड ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार किया। शंकरगढ़ के दोनों आरोपी पुष्पेंद्र सिंह उर्फ आशीष और विष्णु गांजा की छोटी-छोटी पुड़ियां बनाकर लोगों को बेचने का काम करते थे।


