गंगा में फंसे जलपोत को निकालने के लिए ड्रेजिंग शुरू
गाजीपुर के हमीद सेतु के पास कालूपुर गंगा तट पर 28 दिनों से फंसे मालवाहक जलपोत को निकालने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने शुक्रवार से ड्रेजिंग अभियान शुरू किया। जल स्तर सामान्य होने के बाद, यह जलपोत वाराणसी भेजा जाएगा। यह पोत कोलकाता से वाराणसी के लिए खाली चला था और इसमें छह क्रू सदस्य सवार थे।

रेवतीपुर (गाजीपुर)। हमीद सेतु के पास कालूपुर गंगा तट पर पिछले 28 दिनों से फंसे मालवाहक जलपोत को निकालने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने शुक्रवार से बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग अभियान शुरू कर दिया। ड्रेजिंग के जरिए जलस्तर को सामान्य करने के बाद जलपोत को वाराणसी भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ड्रेजर मशीन से नदी तल से पर्याप्त गहराई तक रेत हटाए जाने के बाद जलमार्ग में जलस्तर सामान्य होगा। जलस्तर सामान्य होने पर फंसे हुए मालवाहक जहाज को सुरक्षित रूप से वाराणसी के लिए रवाना किया जा सकेगा। यह पोत कोलकाता से वाराणसी जा रहा था और खाली था।
मालवाहक जलपोत लगभग 55 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा और करीब 300 टन वजनी है। इस पर आधा दर्जन क्रू सदस्य सवार थे। हमीद सेतु से पहले कालूपुर गंगा तट के समीप गंगा में जलस्तर अत्यधिक कम होने के कारण यह पोत नदी के बीच में फंस गया था। इसे निकालने के कई प्रारंभिक प्रयास असफल रहे थे। यह मालवाहक जलपोत वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लोटिंग जेट्टी परियोजना से जुड़े भारी उपकरणों और सामग्रियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाना था। जहाज के फंस जाने के बाद पूर्व में करोड़ों रुपये खर्च कर कराई गई ड्रेजिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। जिसको लेकर 'हिन्दुस्तान' ने खबर भी प्रकाशित की थी।


