पेंशन सखियां ग्रामीण परिवारों में बढ़ाएंगी वित्तीय जागरुकता
ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) और पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने ग्रामीण परिवारों में पेंशन जागरूकता बढ़ाने के लिए समझौता किया। इसका उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत पेंशन सखियों का सामुदायिक संपर्क तंत्र विकसित करना है। यह पहल ग्रामीण नागरिकों को पारदर्शी जानकारी देने के लिए शुरू की गई है।

- डीओआरडी और पीएफआरडीए के बीच समझौता नई दिल्ली, एजेंसी। ग्रामीण परिवारों में पेंशन के प्रति जागरुकता और सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) और पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने मंगलवार को एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौते का विवरण
इसके तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन सखियों का सामुदायिक स्तर पर संपर्क तंत्र तैयार कर उसे सहयोग देने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत बनाए गए नेटवर्क का लाभ उठाना है। इसमें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी) सखियां भी शामिल हैं। इसके जरिये ग्रामीण परिवारों में पेंशन व वित्तीय जागरूकता, पंजीकरण और सहायता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के संस्थागत ढांचे का इस्तेमाल होगा। इस दौरान पेंशन सखियां सामुदायिक स्तर पर सुविधाकर्ता के रूप में काम करेंगी। इस दौरान वह एसएचजी सदस्य, ग्रामीण महिलाओं, लखपति दीदियों और अन्य ग्रामीणों तक पहुंचकर परिवारों को पेंशन और सेवानिवृत्ति की योजना से जुड़ी जानकारी देंगी। वह पंजीकरण में मदद करेंगी और पेंशन सेवाओं को समझाएंगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इसे लेकर हुए समझौते पर डीओआरडी के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला और पीएफआरडीए की कार्यकारी निदेशक सुमीत कौर कपूर ने हस्ताक्षर किए।
यह है उद्देश्य
ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को पेंशन और वित्तीय जागरूकता के बारे में पारदर्शी जानकारी देना है, ताकि वे अपनी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के बारे में सोच-समझकर निर्णय ले सकें।


