ससुराल के उत्पीड़न ने रति की पूरी जिंदगी को कर दिया तबाह
रति ने शादी के बाद अपनी खुशहाल जिंदगी के सपने देखे थे। लेकिन पति के मारपीट और उत्पीड़न के कारण उसने तलाक लेने का फैसला किया। अपने बेटे के साथ अपनी जिंदगी बिताने का इरादा रखते हुए, रति ने अपने मायके लौटकर ससुराल से दूरी बनाने का निर्णय लिया।

रति ने शादी के बाद अपनी हंसी खुशी वाली जिंदगी के सपने संजोए थे। उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न के बाद लगा कि अब बच्चा हो गया है तो पति और ससुरालियों के व्यवहार में बदलाव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पति की मारपीट ने उसको तोड़ दिया और अलग बच्चे के साथ जिंदगी बिताने की उसने सोच ली। इसीलिए मां के साथ ससुराल से जब मायके आई तो तलाक लेने की ठान ली। ससुराल के उत्पीड़न और खुद की जिंदगी जीने की सोच के बीच विराज मददगार बनकर आया और जिंदगी को उजाड़कर रख दिया। रति निवासी बामई अरांव की शादी सुमित उर्फ प्रियंक निवासी सियाराम नगर बदायूं के साथ होने के बाद उसके साथ अक्सर पति द्वारा मारपीट की जाती। ससुरालियों द्वारा ताने मारे जाते। रति ने बताया था कि उसके ससुराल वाले उसका काफी उत्पीड़न करते थे। उसको बांधकर मारते थे। रति जब अपने मायके आ गई थी तो उसको पंचायत के माध्यम से रिश्तेदारों की मदद से ससुराल भिजवाया। ससुरालियों ने कहा था कि अब उत्पीड़न नहीं होगा। कुछ दिन सही रहने के बाद फिर से उत्पीड़न शुरू किया तो उसने फोन पर सारी बात मां को बताई। रति की मां पिंकी उसको किसी तरह अपने घर ले आई और फिर रति ने मां से कहा कि वह पति से तलाक चाहती है और बच्चे के साथ ही जिंदगी बिताएगी।
देवर की नजर से बात करती थी रति
रति का कहना था कि वह विराज को अपने देवर की नजर से देखती थी और बात करती थी। पति की बुआ का लड़का होने के नाते वह फोन करता रहता था। विराज जब उससे शादी करने के लिए कहता था तो वह कह देती कि उसके पास एक बच्चा है। इसके बाद शिकोहाबाद आकर बेटे को लेकर जाने लगा और कहा बाबू चलो चाकलेट खाने चलते हैं और बाबू को लेकर मार डाला। मैंने सोचा कि अपना ही तो है इसलिए बच्चे को साथ में भेज दिया था।
बामई के रिश्तेदारों ने कराई थी पंचायत
रति की मां पिंकी बताती हैं कि उसकी बेटी को ससुराल वाले बेरहमी से पीटते थे। उसको बांधकर रखते थे। पति ने बीमार होने पर रति का इलाज नहीं कराया और कैमिस्ट की दुकानों से दवा लाकर खिलाता रहता था। वह ससुराल में काम नहीं कर पाती थी तो पति उसको बैल्टों से पीटकर काम करवाता था। उसको ससुराल पक्ष के घिरोर में रहने वाले रिश्तेदार समझाकर फिर से ससुराल में ले गए थे।


