मां के नाम पेड़ लगाएंगे डॉक्टर और कर्मचारी, दून मेडिकल कॉलेज से शुरू हुआ अभियान
देहरादून। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं अब पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी मां के नाम एक-एक पेड़ लगाएंगे। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू किया गया है। कार्यक्रम में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया गया।
देहरादून। प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं अब पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी मां के नाम एक-एक पेड़ लगाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से की गई।
कार्यक्रम का महत्व
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय कुमार आर्या, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन तथा सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा आर्या के निर्देशन में संपन्न हुआ। कॉलेज परिसर में विभिन्न स्थानों पर डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। डॉ. अनुपमा आर्या ने कहा कि स्वस्थ जीवन का आधार स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी बनाना होगा। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. शालिनी रावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रतिभागियों को वृक्षारोपण के महत्व और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी दी。
कार्यक्रम में भागीदारी
कार्यक्रम में विभागीय संकाय सदस्य डॉ. ऋचा, डॉ. सुमित, डॉ. शिव, डॉ. सुदीक्षा, वेलफेयर ऑफिसर अखिलेश, पीजी रेजिडेंट्स, इंटर्न्स तथा मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और हरित एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण में योगदान देना है।
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लेखक के बारे में
Chand Mohammadशॉर्ट बायो : चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।
परिचय एवं अनुभव
चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।
विजन
चांद का विजन है कि वह अपने जर्नलिज्म से आम आदमी के मुद्दों को उठाए और उन्हें हल कराए। पाठकों के बीच अखबार की विश्वसनीयता बनाए रखे।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी के मामलों के जानकार है।
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