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DMK सांसद अब्दुल्ला को संसद में एंट्री पर टोका तो भड़के, पूछा था- क्यों जाना है अंदर

DMK नेता और राज्यसभा सांसदएमएम अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्हें संसद में जाने से रोका गया है। साथ ही उनसे यह भी पूछा गया कि वह किस वजह से अंदर जाना चाहते हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखी है।

DMK सांसद अब्दुल्ला को संसद में एंट्री पर टोका तो भड़के, पूछा था- क्यों जाना है अंदर
dmk mp mm abdullah
Jagritiलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 02:21 PM
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DMK नेता और राज्यसभा सांसद एमएम अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्हें संसद में जाने से रोका गया है। साथ ही उनसे यह भी पूछा गया कि वह किस वजह से अंदर जाना चाहते हैं। अब्दुल्ला ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से शिकायत की है कि सीआईएसएफ कर्मियों ने उनसे संसद परिसर में उनके दौरे के उद्देश्य के बारे में पूछा। तमिलनाडु के सांसद ने उपराष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि मंगलवार को संसद भवन परिसर में प्रवेश करते समय उन्हें सीआईएसएफ कर्मियों ने रोक लिया और उनसे उनके जाने की वजह और परिसर के अंदर जाने की जगह के बारे में भी पूछा। 

अब्दुल्ला ने अपने पत्र में कहा, "मैं सीआईएसएफ कर्मियों के इस व्यवहार से स्तब्ध हूं, जिन्होंने मुझसे संसद में मेरे दौरे के उद्देश्य के बारे में पूछताछ की। एक ऐसा स्थान जहां मैं लोगों और तमिलनाडु राज्य के हितों का प्रतिनिधित्व करता हूं। जब पीएसएस सुरक्षा का प्रभार संभाल रहा था, ऐसा दुर्व्यवहार पहले कभी नहीं हुआ।" पहले संसद की सुरक्षा का जिम्मा पार्लियामेंट सिक्योरिटी सर्विस (पीएसएस), दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ संभालती थी। यह बताते हुए कि सांसदों को सत्रों के बीच परिसर में जाने से नहीं रोका जा सकता, डीएमके सांसद ने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि संसद सदस्य संसद में प्रवेश कर सकते हैं, भले ही उनके पास कोई आधिकारिक कार्यक्रम न हो और यदि मेरे पास कोई कार्यक्रम है, तो मैं इसे केवल अपने अध्यक्ष को बताने के लिए उत्तरदायी हूँ, जो राज्यसभा के संरक्षक हैं।"

घटनाक्रम से अवगत एक सीआईएसएफ अधिकारी ने आरोपों से इंकार किया है। एक अधिकारी ने बताया, "सीआईएसएफ जवान नए सांसद की मदद करना चाहता था और इसलिए उसने उनसे पूछा कि वह कहाँ जा रहे हैं और क्या उन्हें मदद की ज़रूरत है। माननीय सांसद को नहीं रोका गया।" सीआईएसएफ को संसद भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह पहली बार नहीं है जब सांसदों ने रोके जाने और पूछताछ किए जाने पर शिकायत की है। पिछले साल दिसंबर में सुरक्षा उल्लंघन के बाद, जब दो युवक गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे, उसके बाद सरकार ने परिसर की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंप दी थी।