अभिनेत्री त्रिषा पर टिप्पणी मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार
अपडेट--उदयनिधि को रिहा करने की बात को अपडेट किया गया है। कृपया इसी कॉपी का

चेन्नई, एजेंसी। कावेरी मुद्दे पर सोमवार को तंजावुर में आयोजित डीएमके की सभा के दौरान अभिनेत्री त्रिषा पर की गई टिप्पणी के मामले में तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पूछताछ के बाद उदयनिधि को रिहा कर दिया। उदयनिधि स्टालिन पर विवादित और दोहरे अर्थ वाले बयान देने का आरोप लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक, तीन अगस्त को कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित सभा में भीड़ अभिनेत्री त्रिशा-त्रिशा के नारे लगाने लगी। आरोप है कि इस दौरान उदयनिधि ने अभिनेत्री के लिए आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की। इसपर सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके ने पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
नौ धाराओं में मामला दर्ज
उदयनिधि के खिलाफ दुश्मनी को बढ़ावा देने, दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने और आपराधिक धमकी देने सहित नौ धाराएं लगाई गईं हैं। शिकायतकर्ता ने उदयनिधि और डीएमके आईटी विंग के अधिकारियों पर जानबूझकर महिलाओं का अपमान करने, अभिनेत्री और आम महिलाओं को मानसिक पीड़ा पहुंचाने और सार्वजनिक अशांति फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का 2:39 मिनट का वीडियो जानबूझकर फैलाने का आरोप लगाया।
उदयनिधि का आरोपों से इनकार
गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि ने किसी भी अपमानजनक टिप्पणी से इनकार किया और कहा कि यह विवाद एडिट किए गए और गुमराह करने वाले कंटेंट के प्रसार का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ‘कट, कॉपी, पेस्ट’ का इस्तेमाल करके फर्जी खबरें फैलाईं और दावा किया कि मैंने कुछ ऐसा कहा जो मैंने कभी नहीं कहा था। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो इन सब से डर जाए। मैं कानूनी तौर पर इसका सामना करूंगा।
रिहा करने का आदेश
मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया कि वे डीएमके विधायक और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दे। कोर्ट ने उदयनिधि को भी निर्देश दिया कि जब भी जरूरत हो, वे जांच में सहयोग करें। तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने अदालत को बताया कि पुलिस उनकी न्यायिक हिरासत की मांग नहीं करना चाहती।
विपक्ष ने कार्रवाई की निंदा की
तमिलनाडु की विपक्षी पार्टियों ने उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना करार दिया। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले की गई इस गिरफ्तारी के लिए सरकार की आलोचना की। साथ ही, एआईएडीएमके नेता ने उदयनिधि के निजी व्यवहार की भी आलोचना की। पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से मानती रही है कि उदयनिधि को लगाम लगाने की जरूरत है। उन्होंने बिना सोचे-समझे बोलने और अपने पद की गरिमा को समझे बिना महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने की उनकी आदत की निंदा की। डीएमके का आरोप है कि कावेरी मुद्दे पर सत्ताधारी सरकार की आलोचना करने के बाद टीवीके सरकार ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया।
कार्यकर्ताओं ने सड़कें जाम की
उदयनिधि की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पूरे तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। डीएमके कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और तिरुवन्नामलाई में सड़कें जाम कर दीं। सलेम और मदुरै में भी इसी तरह के विरोध-प्रदर्शन हुए। तंजावुर में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी के विरोध में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का पुतला फूंका। इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। उधर, तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा और तमिल विकास मंत्री राजमोहन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि डीएमके सदस्यों ने आम लोगों पर हमला किया। उन्होंने लिखा कि डीएमके सदस्यों द्वारा एक दोपहिया वाहन चालक के साथ बेरहमी से मारपीट का दृश्य चौंकाने वाला है, जबकि उस चालक ने उनसे सड़क जाम ना करने और जनता को असुविधा ना पहुंचाने का आग्रह किया था।
पुलिस ने एक घंटे इंतजार किया
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस अधिकारियों ने उनके परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता मा. सुब्रमण्यम से बातचीत की। इस दौरान डीएमके के कार्यकर्ता पूर्व उपमुख्यमंत्री आवास के बाहर जमा हो गए। डीएमके कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी की जरूरत को लेकर पुलिस अधिकारियों से बहस की। घर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल हो गया और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स हटा दिए। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए उदयनिधि स्टालिन के नीलांकरई स्थित आवास पर पहुंचने के बाद पुलिस ने लगभग एक घंटे तक इंतजार किया।
पक्ष-विपक्ष के कोट
पक्ष
उदयनिधि ने महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए किसानों के मंच का इस्तेमाल किया। उन्हें अब उनके नाम से नहीं बुलाया जाता है। तमिलनाडु की महिलाओं और लोगों ने उन्हें एक नया नाम दिया है, वल्गर निधि (अभद्र निधि)।
अमेरिकाई नारायणन, टीवीके प्रवक्ता
मैंने वह वीडियो देखा, जिसमें एक महिला को आपत्तिजनक तरीके से पेश किया गया। जब किसी ऐसी महिला का नाम लिया जाता है, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, तो उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं को फटकार लगानी चाहिए थी।
जोतिमणि, कांग्रेस सांसद
विपक्ष
मैंने उनका पूरा भाषण सुना। जैसा लोग कह रहे हैं, वैसा कुछ नहीं कहा गया। उन्होंने सिर्फ मुख्यमंत्री की नाकामियों को गिनाया। उनके भाषण में कुछ भी अपमानजनक नहीं हैं। उदयनिधि ने अभिनेत्री का नाम तक नहीं लिया। वह सिर्फ सरकार पर निशाना साध रहे थे।
टीकेएस इलांगोवन, डीएमके प्रवक्ता
सरकार दमनकारी तरीकों का इस्तेमाल कर रही है, जो कानून के खिलाफ है। विपक्ष के नेता को इस तरह गिरफ्तार करना, सिर्फ इसलिए कि वे कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में शामिल न हो सकें, सरासर कायरता है।
कनिमोझी, सांसद, डीएमके


