उच्च गुणवत्ता के साथ करें डिजिटाइजेशन
डीएम कौशल कुमार ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान में पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने मशीन इंस्टॉलेशन और विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। डीएम ने सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता से डिजिटाइजेशन और आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया।

राजीव रंजन झा,दरभंगा। डीएम कौशल कुमार ने शुक्रवार को मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में संरक्षित पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन के लिए स्थापित की जा रही मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य का जायजा लिया तथा पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। डीएम ने निर्देश दिया कि संस्थान में उपलब्ध सभी पांडुलिपियों का सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। डिजिटाइजेशन के दौरान पांडुलिपियों की सुरक्षा एवं मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए कार्य को पूरी सावधानी एवं तकनीकी दक्षता के साथ संपादित किया जाए।
डीएम ने संस्थान परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का भी जायजा लिया। निर्माणाधीन बालक छात्रावास, प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस, सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्य की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। डीएम ने संस्थान परिसर में विकसित की जा रही आधारभूत संरचनाओं को संस्थान की आवश्यकता एवं उपयोगिता के अनुरूप बेहतर ढंग से विकसित करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, शोध संस्थान के निदेशक तथा संबंधित अभियंतागण उपस्थित थे।


