डीएम ने ब्रजघाट गंगानगरी का दौरा किया
डीएम कविता मीणा ने कांवड़ यात्रा को लेकर ब्रजघाट का दौरा किया। उन्होंने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली और साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कूड़ा उठान आदि व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। डीएम ने गंगा नगरी में कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर जोर दिया।

कांवड़ यात्रा को लेकर डीएम कविता मीणा ने ब्रजघाट गंगा नगरी का दौरा करते हुए पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से अब तक हुई प्रगति के बारे में पूछा। डीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कूड़ा उठान, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे, रेलिंग, नहर पटरी, मेडिकल हेल्थ कैंप, गोताखोर आदि व्यवस्थाओं को समय से पूरा करें। डीएम कविता मीणा ने शुक्रवार को पूरे लाव लश्कर के साथ कांवड़ियों के आवागमन वाले रास्तों का निरीक्षण किया। सड़क के किनारे गड्ढों को भरवाने व मार्ग व्यवस्था दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। अफसरों को चेताया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही कहा कि व्यवस्था चाक चौबंद रहे, ताकि कांवड़ियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
मेरठ रोड से बुलंदशहर रोड पर जिले की सीमा तक निरीक्षण कर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि सड़क के किनारे गड्ढों को तुरंत सही कराया जाए।पालिका के ईओ को निर्देशित किया कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की खामी नहीं होनी चाहिए। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सीओ यातायात को निर्देश दिए। इसके बाद वह गंगा नगरी में पहुंची और यहां गंगा के जलस्तर के बारे में जानकारी ली गई। यहां उन्होंने कहा कांवडियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और ड्यूटी पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। इस अवसर पर एसडीएम श्रीराम सिंह, ईओ पवित्रा त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहें।
लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


