दो हत्याओं के बाद प्रशासन चिन्हित करेगा जमीनी विवाद और तलाशेगा समाधान
बाराबंकी में चार दिन के भीतर सरकारी भूमि विवाद में हुई दो हत्याओं के बाद, डीएम ईशान प्रताप सिंह ने स्थायी समाधान के लिए एक कार्य योजना बनाई है। राजस्व अधिकारियों और पुलिस के सहयोग से जमीनी विवादों की पहचान की जाएगी, खासकर उन मामलों पर जो अदालतों में वर्षों से लंबित हैं।

बाराबंकी, संवाददाता। चार दिन के भीतर सरकारी जमीनों पर कब्जेदारी के विवाद में दो हत्याओं से कानून व्यवस्था पर खड़े हुए संकट के बीच डीएम ईशान प्रताप सिंह ने जमीन विवादों को चिन्हित कर स्थाई समाधान की दिशा में एक ऐक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत जिले की सभी छह तहसीलों के राजस्व अधिकारी व पुलिस संयुक्त रूप से जमीनी विवादों को चिन्हित करेगी। खासकर वह विवाद तलाशे जाएंगे, जिनको लेकर राजस्व अथवा सिविल न्यायालय में सालों से मुकदमे चल रहे हैं। साथ ही बीच-बीच में एक पक्ष दूसरे पक्ष के खिलाफ बीच-बीच में थाना अथवा राजस्व प्रशासन के पास नए-नए आरोपों के साथ प्रार्थनापत्र दे रहा है।
एडीएम वित्त व राजस्व निरंकार सिंह ने बताया कि सुबेहा थाना के पूरेगुमान में बंजर की जमीन और कोठी थाना के रेवतीपुरवा में तालाब की जमीन पर कब्जेदारी में हत्या की वारदातों को देखते हुए प्रशासन ने खास प्लान तैयार किया है। इसके तहत हर तहसील के एसडीएम से कहा गया है कि वह गंभीर प्रकृति के जमीन विवादों को पुलिस की मदद से चिन्हित करे। इसमें देखा जाए कि क्या संबंधित जमीन का मामला राजस्व न्यायालय में लंबित है। यदि ऐसा है तो उनकी दैनिक तारीख लगाकार सुनवाई कराकर निस्तारण कराया जाए। आयुक्त या फिर किसी उच्चस्तर की राजस्व कोर्ट में मामला लंबित है, तो उसे कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए एसडीएम जल्दी निस्तारण के लिए रिपोर्ट देकर प्रबल पैरवी करेंगे। कहीं पर पैमाइश आदि में विलंब होने की बात सामने आने पर टीमें गठित कर जल्द निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने पर उसके निस्तारण के लिए विशेष प्रयास कराकर फैसले की स्थिति में लाने का प्रयास किया जाएगा। हल्का सबइंस्पेक्टर व लेखपाल, कानूनगो व नायब तहसीलदार खुद ऐसे विवादों के पक्षकारों के बीच किसी प्रकार के ताजा तनाव पर विशेष निगाह रखेंगे। पुलिस भी पक्षकारों के बीच तनाव पर नजर रखकर निरोधात्मक कार्रवाई कराएंगे। एडीएम ने बताया कि पहले चरण में जमीन के 10-10 मामले चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी गई है।


