Vikasnagar News: कृष्ण और रुक्मणी विवाह प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Vikasnagar News: सेलाकुई, संवाददाता।रेश्वर मंदिर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को भगवान की रास लीलाओं और कृष्ण-रुक्मणी विवाह

Vikasnagar News: सेलाकुई, संवाददाता। जमनपुर के ओंकारेश्वर मंदिर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को भगवान की रास लीलाओं और कृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। बताया कि भगवान की रास लीला तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है। कथा व्यास नित्यानंद सेमवाल ने कहा कि रास लीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है। गोपी गीत पर बोलते हुए कृपाराम महाराज ने कहा जब जीव में अभिमान आता है भगवान उनसे दूर हो जाता है लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है उसे दर्शन देते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मणि से श्रीकृष्ण ने हरण कर विवाह किया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी है और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक नहीं तो फिर वह धन चोरी, बीमारी या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। कथा व्यास ने कहा कि धन को परमार्थ में लगाना चाहिए और जब कोई लक्ष्मी नारायण को पूजता है या उनकी सेवा करता है तो उन्हें भगवान की कृपा स्वत ही प्राप्त हो जाती है। श्रीकृष्ण भगवान व रुक्मणि के अतिरिक्त अन्य विवाहों का भी वर्णन किया गया। कथा के छठे दिन कथा स्थल पर महिलाओं पुरुषों सहित श्रद्धालुओं का भारी हुजूम देखने को मिला।


