कृषि, मखाना व लघु उद्योगों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने पर जोर
दरभंगा में जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक हुई। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बैंक ऋण की सुविधा, कृषि आधारित गतिविधियों, और किसान कल्याण योजनाओं पर जोर दिया। डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियानों की आवश्यकता बताई गई।

राजीव रंजन झा,दरभंगा। समाहरणालय सभागार में डीडीसी स्वप्निल की अध्यक्षता व सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर की उपस्थिति में जिला स्तरीय परामर्शदात्री/बैंकिंग समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले की बैंकिंग व्यवस्था, ऋण प्रवाह, वित्तीय समावेशन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की मुख्य बातें
बैठक में विशेष रूप से कृषि एवं किसान, मखाना उत्पादक, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, छोटे एवं लघु उद्यमी, युवा उद्यमिता, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण तथा विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, सरल एवं सुगम बैंक ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने को मखाना, कृषि आधारित गतिविधियों, एफपीओ, सूक्ष्म व लघु उद्यमों तथा नए व्यवसायों को बैंकिंग ऋण से जोड़ना जरूरी है।
बैंक अधिकारियों को निर्देश
उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों द्वारा ऋण के लिए किए गए आवेदनों का निष्पादन अनावश्यक विलंब के बिना किया जाए तथा बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने बैंक एवं ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क को और मजबूत करने, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने तथा आमजन के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर भी जोर दिया। साथ ही डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए आम लोगों को साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
बैठक में प्रतिभागी
सांसद ने कहा कि बैंक एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को केवल जमा एवं ऋण तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनाया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में सरकारी बैंकों की 264 शाखाएं, 235 एटीएम एवं 1,751 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना, मखाना किसानों को खेती एवं प्रसंस्करण के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता, पीएम स्वनिधि योजना, मुद्रा योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी एवं गरीब हितैषी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में एलडीएम, नाबार्ड की जिला प्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।


