परिश्रम ही सफलता की कुंजी , प्रतिभा के बल पर सफलता प्राप्त करें
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अभ्युदय कोचिंग सेंटर का उद्घाटन किया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग प्रदान करती है। उन्होंने छात्रों को पारंपरिक अध्ययन के प्रति समर्पण और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया।
फर्रुखाबाद ,संवाददाता। राजकीय इंटर कॉलेज में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अभ्युदय कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को सफलता के गुर सिखाते हुए कहा कि अभ्युदय का तात्पर्य जीवन की संभावनाओं का सूर्योदय है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा के बल पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, समर्पण एवं तकनीक के साथ तैयारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।
अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन सुअवसर प्राप्त हो सकेंगे। विद्यार्थियों को किताबों को पढ़ने के साथ उनसे सीखने का विश्लेषण अवश्य करना चाहिए, जिससे उन्हें अपने द्वारा किए गए अध्ययन कार्य की प्रगति का भास हो सके। छात्र-छात्राएं अपने मन में अध्ययन कार्य से जुड़ी हुई जिज्ञासाओं को अपने शिक्षकों के साथ अवश्य साझा करें जिससे आप अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देशित किया कि कोचिंग सेंटर का संचालन पूरी गुणवत्ता एवं नियमितता के साथ किया जाए तथा विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शंकाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। इस दौरान सीडीओ ,डीआईओएस ने अपने अनुभव साझा िकए । इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षण संस्थान के शिक्षकगण, अभ्युदय योजना से जुड़े संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


