टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में हर्षोल्लास से मना हिन्दी दिवस
राजभाषा की दशा और दिशा पर हुई सार्थक चर्चा, शहर के शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान धरीक्षण सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज कुल्हड़िया के परिसर में हिन्दी दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

राजभाषा की दशा और दिशा पर हुई सार्थक चर्चा सचिव सिद्धनाथ सिंह बोले : हिन्दी को सम्मान की भाषा बनाना हम सबका दायित्व, अब कॉलेज के सभी कार्य देवनागरी में होंगे आरा, निज प्रतिनिधि। शहर के शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान धरीक्षण सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज कुल्हड़िया के परिसर में हिन्दी दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता महाविद्यालय के सचिव सिद्धनाथ सिंह ने की।
राजभाषा का दर्जा
संगोष्ठी का मुख्य विषय वर्तमान समय में राजभाषा हिन्दी की दशा, दिशा और शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका रहा। इस अवसर पर सचिव सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि हिन्दी को राजभाषा का दर्जा संविधान ने दिया है, लेकिन इसे ज्ञानभाषा और सम्मान की भाषा बनाए रखना हम सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का नैतिक दायित्व है। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. लालबहादुर सिंह ने कहा कि हिन्दी दिवस केवल एक दिन का औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रतिदिन हिन्दी के व्यवहार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी, मगही, मैथिली जैसी लोक भाषाएं हिन्दी की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी शक्ति हैं।
ग्रामीण शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम में प्रो. सुधीर सिंह ने हिन्दी में साक्षरता अभियान चलाकर ग्रामीण बच्चों को पढ़ाने पर जोर दिया। वहीं डॉ. अंकुर सहाय श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में संकट हिन्दी का नहीं, बल्कि हमारे आत्मविश्वास का है, जिसे सशक्त बनाने की जरूरत है। प्रवक्ता प्रो. अनिल कुमार और प्रो. आशुतोष मिश्र ने भी अपने विचार रखते हुए हिन्दी को समृद्ध बनाने पर बल दिया।
अनिवार्य देवनागरी
गोष्ठी के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय के सभी सूचना पट्ट, कार्यालयी पत्राचार और प्रार्थना सभा का संचालन अनिवार्य रूप से देवनागरी हिन्दी में ही किया जाएगा तथा छात्राध्यापकों को हिन्दी में मौलिक लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर बीएड प्रथम वर्ष के सुहैल अशरफ, कृष्णा नंदन, आर्या सिंह, अंकुर कुमार, अमन, दीपक, लव कुमार तथा द्वितीय वर्ष के सूर्य प्रकाश, गोपी किशन, नाहिद फातिमा, सनोबर, मनीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


