सर प्लस सूची में विसंगतियां, शिक्षकों ने जताया विरोध
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों के समायोजन के लिए जारी सरप्लस सूची में विसंगतियों के खिलाफ बैठक की। जिलामंत्री एमपी सिंह की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया कि पहले आपत्तियों का समाधान किया जाएगा। शिक्षकों ने अपनी आपत्तियों को बीएसए कार्यालय में प्रस्तुत किया है। शिक्षकों की समस्याओं को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

मैनपुरी। शिक्षकों के समायोजन के लिए विभाग द्वारा जारी सरप्लस सूची में विसंगतियों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को जिला मंत्री एमपी सिंह के आवास पर बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले सूची में आपत्तियों का निराकरण किया जाए फिर समायोजन किया जाए। शिक्षकों ने साक्ष्यों के साथ अपनी आपत्ति संगठन को दर्ज कराई। जिन्हें बीएसए कार्यालय में रिसीव करा दिया गया। बैठक में जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि पहले विद्यालय में रिक्ति दर्शाकर अतिरिक्त शिक्षक को लाकर समायोजन की स्थिति पैदा की जाती है उसके बाद सीनियर शिक्षक को सरप्लस दर्शाकर उसे हटाया जा रहा है।
विभाग की यह गलती अब शिक्षकों पर भारी पड़ रही है। जिला संरक्षक सत्यवीर सिंह ने कहा कि अभी छह माह पूर्व हुए समायोजन में जिन विद्यालयों में शिक्षकों को भेजा गया था अब उन्ही विद्यालयों में शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। जिससे अधिकांश शिक्षक मानसिक अवसाद की स्थिति में आ गए हैं। बैठक में हरिओम दुबे, दलवीर कठेरिया ने भी विचार रखे। बैठक में केपी सिंह, कौशल गुप्ता, महेश आर्य, अवलेंद्र कुमार, सत्यप्रकाश, वैभव यादव, योगेश कुमार, बीके सिंह, प्रबल चौहान, प्रदीप यादव, जितेंद्र कुमार, ओसपाल, दिलीप यादव, गौरव पांडेय आदि मौजूद रहे।
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