रसुवा बाजार मलबे में हुआ तब्दील
जनकपुर के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने विनाशकारी स्थिति उत्पन्न की है। 120 किलोमीटर दूर काठमांडू से, यह हिमाली जिला अब मलबे में तब्दील हो गया है। बिजली, पानी और दूरसंचार सेवाएं ठप हैं। यह क्षेत्र धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन अब यह सुनसान पड़ा है।

जनकपुर। काठमांडू से 120 किलोमीटर दूर और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा से सटा रसुवा जिला विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समुद्र तल से 4600 मीटर की ऊंचाई वाले इस हिमाली जिले का मुख्य बाजार बुधवार को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद मलबे में तब्दील हो गया। कभी आठों पहर गुलजार रहने वाला यह इलाका अब सुनसान है। बिजली, पानी और दूरसंचार सेवाएं ठप हैं।यह जिला प्राकृतिक सौंदर्य के साथ धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी प्रसिद्ध रहा है। नेपाल-तिब्बत के ऐतिहासिक व्यापार मार्ग के साथ वर्तमान में चीन के साथ व्यापार भी इसी रास्ते से होता है।
ऐतिहासिक रसुवागढ़ी किला यहां प्रमुख स्थल है। इसके अलावा गोसाईं कुंड, पार्वती कुंड, दूध कुंड, उत्तरगया और जलेश्वरनाथ मंदिर प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं। झांगे झरना, तातोपानी और चीन का खासा बाजार भी पर्यटकों और कारोबारियों के आकर्षण का केंद्र हैं।मानसरोवर यात्रा के प्रमुख मार्ग में होने के कारण रसुवा में भारत समेत विभिन्न देशों के पर्यटक पहुंचते रहे हैं।


