सर्पदंश व सीपीआर देने की परिस्थितियों के बारे दिया प्रशिक्षण
गंगोह में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने गुरुनानक इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षा तकनीकों पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यार्थियों को आपदाओं के समय धैर्य और सूझबूझ से काम करने के लिए प्रशिक्षित करना था।

गंगोह संवाददाता। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम द्वारा गुरुनानक इंटर कॉलेज महंगी में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। एमडी मेघराज सैनी ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के समय धैर्य, सूझबूझ एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना था। सब-इंस्पेक्टर बनवारी लाल एवं प्रमुख राजेन्द्र कुमार ने भूकम्प के दौरान एवं उसके बाद अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों, घायल व्यक्ति के प्राथमिक उपचार, अत्यधिक रक्तस्राव रोकने, सीपीआर, श्वासनली में बाहरी वस्तु फंसने की स्थिति में सहायता प्रदान करने के उपाय, हड्डी टूटने पर स्प्लिंटिंग घायल व्यक्ति को सुरक्षित उठाने एवं स्थानांतरित करने की तकनीकें बताई।
सर्पदंश जैसी आपात परिस्थितियों में बचाव एवं प्रबंधन के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी।
लेखक के बारे में
Parnav Aggarwalप्रणव अग्रवाल पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) सहारनपुर में जिला प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में अपराध, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरें लिखी हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रणव अग्रवाल हिंदी पत्रकारिता के उन सक्रिय पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने काम के जरिए पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। करीब डेढ़ दशक के अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण एवं एक्सक्लूसिव खबरों पर काम किया। हिन्दुस्तान में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध, मेडिकल, उच्च शिक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी अनेक खोजी और विश्लेषणात्मक खबरें प्रकाशित की हैं। समय के साथ बदलते मीडिया परिवेश और पाठकों की रुचि को समझते हुए उन्होंने खबरों की प्रस्तुति में भी नई दृष्टि विकसित की है।
कॅरियर का सफर
प्रणव अग्रवाल ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2011 में अमर उजाला से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े और यहां उन्हें अपराध, उच्च शिक्षा तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) बीट पर काम करने का अवसर मिला। एएमयू बीट की गहन और प्रभावी कवरेज के लिए उन्हें एएमयू द्वारा मीडिया एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। एचटी ग्रुप की ओर से भी कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्रणव अग्रवाल ने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण उन्हें हिंदी पत्रकारिता में विषयों की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली। इसी वजह से उन्होंने अपराध, चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसे जटिल विषयों पर भी रिसर्च आधारित और विश्लेषणात्मक खबरें लिखी हैं। उनकी कई एक्सक्लूसिव स्टोरी हिन्दुस्तान के राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं।
कार्य क्षेत्र एवं दृष्टि
प्रणव अग्रवाल को अपराध, केंद्रीय विश्वविद्यालय, चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष पकड़ हासिल है। उन्होंने इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव खबरें प्रकाशित की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है ताकि पत्रकारिता के प्रति विश्वास और विश्वसनीयता बनी रहे।


