व्यवहार न्यायालय में दिव्यांगों के लिए रैंप की हो सुविधा
हिन्दुस्तान, खगडि़या
गोगरी के दिव्यांग एक्टिविस्ट आरिफ अराफात ने हाई कोर्ट में दिव्यांगों के लिए रैंप निर्माण की मांग की। न्यायमूर्ति आलोक कुमार ने आदेश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए सुगम्य वातावरण बनाया जाए। आरिफ ने न्यायमूर्ति को धन्यवाद दिया।

गोगरी । एक संवाददाता गोगरी के दिव्यांग एक्टिविस्ट आरिफ अराफात ने उच्च न्यायालय पटना के न्यायमूर्ति आलोक कुमार को दिव्यांग प्रतीक चिन्ह भेंट किया उसके बाद उन्होंने सुगम भारत अभियान के तहत निर्माणाधीन अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में दिव्यांगों के लिए सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए रैंप निर्माण की बात की। आरिफ की बातों को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति ने अपने अधिनस्थ अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का गाइडलाइंस है कि दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए बाधा रहित रैंप का निर्माण किया जाना। इससे आदेश से खुश होकर दिव्यांग एक्टिविस्ट ने न्यायमूर्ति को खगड़िया के दिव्यांग और बुजुर्गों की तरफ से कोटि-कोटि धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।


