कारोबारियों को अब गोंजाओ जाने के लिए पहले नहीं जाना होगा हांगकांग
भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों के बहाल होने से अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर निर्माताओं को ग्वांगझू जाने के लिए लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा। व्यापारियों को हांगकांग या अन्य देशों से होकर नहीं जाना होगा। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चर्चा के बाद इस सीधी उड़ान की संभावनाएँ बढ़ीं हैं।

फोटो.. अलीगढ़ के कारोबारियों को अब गोंजाओ जाने के लिए पहले नहीं जाना होगा हांगकांग
व्यापार में सुविधा
ताला, हार्डवेयर व आर्टवेयर कारोबारियों का सबसे ज्यादा चाइना के इस शहर के लगते हैं टूर
उड़ानों का लाभ
कारोबारियों के अनुसार गोंजाओ में वर्षभर सबसे ज्यादा अलग-अलग ट्रेड फेयर लगते हैं
सीधी फ्लाइट बंद होने से दिल्ली से हांगकांग तक फ्लाइट फिर बस, ट्रेन से दो घंटे का होता था सफर
जिसमें अलीगढ़ के उद्यमी भी हुए थे शामिल
अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता
भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों के बहाल होने से अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर निर्माताओं को ग्वांगझू (गुआंगज़ौ) जाने के लिए हांगकांग या अन्य देशों से होकर लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। अलीगढ़ से बड़ी संख्या में हार्डवेयर निर्माता चीन से कारोबार करते हैं। वैश्विक स्तर पर अलीगढ़ के कारोबारियों को इसका फायदा मिलेगा। अलीगढ़ के कारोबारी चीन से बल्क में माल मंगाते हैं और अपनी मुहर लगाकर देशभर में माल की सप्लाई करते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का महत्व
दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। भारत सरकार व चीन के बीच कई अहम बदलाव को लेकर चर्चा हुई है। जिसमें सीधी उड़ान का भी मुद्दा शामिल है। अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा वेस्ट यूपी समेत अलीगढ़ के कारोबारियों को मिलेगा। अलीगढ़ से चीन बड़े व्यापक पैमाने पर कारोबार होता है। अभी तक कारोबारियों को कारोबार के लिए हांगकांग या फिर अन्य देशों से होकर ग्वांगझू (ग्वांगज़ौ) जाना पड़ता था। लेकिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से उम्मीद जगी है। अलीगढ़ में हार्डवेयर कारोबारी चीन से कारोबार करते हैं। उनको आने जाने में सीधे फ्लाइट मिलेगी। कुछ हार्डवेयर कारोबारी चीन अलीगढ़ से माल भेजते भी हैं। आयात व निर्यात दोनों मामलों में यह सम्मेलन सार्थक सिद्ध होगा।
व्यापार की मजबूती
एक करंसी में कारोबार से मजबूती मिलेगी
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक देश एक करंसी पर भी चर्चा हुई है इसका भी कारोबारियों को फायदा मिलेगा। विभिन्न देशों की करंसी के कारण तमाम परेशानियां होती हैं। लेकिन एक करंसी से कारोबार होने से अलीगढ़ के निर्यातकों को भी फायदा मिलेगा। 19 जून को आगरा में ब्रिक्स एमएसएमई सम्मेलन हुआ था, जिसमें कई देशों के जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे। भारत की एमएसएमई की सराहना की थी। उक्त सम्मेलन में लघु उद्योग भारती के प्रदेश संयुक्त महामंत्री डा. गौरव मित्तल भी शामिल हुए थे।
उद्यमियों की राय
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई है अगर उनके सकारात्मक परिणाम आएंगे तो निश्चित तौर पर अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर को फायदा मिलेगा। चीन के गोंजाओ जाने के लिए दूसरे देशों से होकर नहीं जाना होगा। अरुण जैन, उद्यमी
खिलौना का कारोबार चीन से होता है। अगर व्यापारिक गतिविधियों पर सहमति बनेगी तो फायदा मिलेगा। भारत सरकार की जो गाइड लाइन आएगी उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा। सोमांक वाष्णेर्य, कारोबारी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कारोबार के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा। भारत सरकार ने कई व्यापारिक मुद्दों पर चर्चाएं की हैं, जिसमें हार्डवेयर निर्यातकों को फायदा मिलेगा। व्यापारिक रिश्ते फिर से प्रगाढ़ हो सकते हैं। मोहित गुप्ता, निर्यातक
एक देश एक करंसी में अगर कारोबार शुरू होता है तो इसका बड़ा फायदा मिलेगा। यह सुविधा शुरू हुई तो भविष्य में उन देशों के लिए पासपोर्ट भी नहीं लगेगा। आगरा में हुए ब्रिक्स एमएसएमई सम्मेलन में कई देशों के जनप्रतिनिधि आए थे यहां के कारोबार की सराहना की थी। इसका परिणाम सार्थक आएगा। डा. गौरव मित्तल, निर्यातक


