जिले के 4.90 लाख वृद्धजनों, विधवाओं व दिव्यांगों को 56.82 करोड़ से अधिक की पेंशन राशि भेजी गयी
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 06 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया। जिले के समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में 490120 सक्रिय पेंशनधारियों के खाते में कुल 568271500 की राशि हस्तांतरित की गई। पेंशन पुनः चालू कराने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को अपनाने के निर्देश दिए गए।

मोतिहारी, हिप्र। सीएम ने मुंगेर के खड़गपुर हवेली में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की सभी 06 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में (डीबीटी) के माध्यम से किया। इसी कड़ी में जिले के समाहरणालय स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें डीएम सौरभ सुमन यादव, डीडीसी डॉ प्रदीप कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला जन संपर्क पदाधिकारी ,सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा व अन्य विभागीय कर्मी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थी उपस्थित थे। प्रति माह के दसवीं तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का अंतरण लाभार्थियों के खाते में किया जाता है। जिला के कुल 490120 सक्रिय पेंशनधारियों के बैंक खातों में कुल 568271500 की राशि डीबीटी से हस्तांतरित की गई。
वर्गवार पेंशनधारियों को की गयी भुगतान
जिले में कुल लाभार्थियों की संख्या 4,90120 है जिसके बीच 568271500 की राशि भेजी गयी। मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 277716 व इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 113695 राशि भेजी गयी। कुल वृद्धजन लाभार्थियों की संख्या 391411 है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 28060 व लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 26243 राशि भेजी गयी। कुल विधवा लाभार्थियों की संख्या 34280 है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के तहत 6220 व बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के तहत 38186 राशि भेजी गयी। कुल दिव्यांग लाभाथियों की संख्या 64,429 है।
जिनका पेंशन बंद है उन्हें केवाईसी कराने का निर्देश
उन्होंने कहा कि वैसे सभी पेंशनधारी जिनके द्वारा अभी तक अपना जीवन प्रमाणीकरण (केवाईसी) व आधार तथा बैंक खाता का सीडिंग नहीं कराया गया है, जिसके कारण उनका पेंशन बंद हुआ है, वे सभी लोग उक्त दोनों कार्यों को करा लें ताकि उनका पेंशन पुनः चालू हो सके। डीएम ने कहा कि ई- केवाईसी करने के दो आसान तरीके हैं जिसमें अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के माध्यम से अथवा ई- लाभार्थी बिहार ऑफिशल पोर्टल के माध्यम से आधार ओटीपी प्रमाणीकरण द्वारा जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं। इस संबंध में नजदीकी प्रखंड कार्यालय ,अनुमंडल कार्यालय या सीएससी सेंटर से जानकारी प्राप्त की जा सकता है।


