21 साल पहले भवन का उद्घाटन, अब तक नहीं हुआ उपयोग

हिन्दुस्तान, भागलपुर
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टीएमबीयू के कई पीजी विभागों की हालत खस्ता है। एक भवन, जिसका उद्घाटन 21 साल पहले हुआ था, अब जर्जर स्थिति में है। विभाग में कोई संसाधन नहीं है और खतरे के बोर्ड हैं। कक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, जिससे विभाग में गंभीर हादसे का खतरा है।

21 साल पहले भवन का उद्घाटन, अब तक नहीं हुआ उपयोग

भागलपुर, वरीय संवाददाता। टीएमबीयू में कई पीजी विभागों की हालत खस्ता है। यही वजह है कि पठन-पाठन तो दूर कार्यालय संचालन के लिए भी विभागों में स्थान नहीं बचा है। वहीं दूसरी ओर एक ऐसा भवन विवि क्षेत्र में है, जिसका उद्घाटन 21 साल पहले तो हुआ, लेकिन बिना उपयोग ही जर्जर स्थिति में आ गया है। उद्घाटन के बाद वहां अब तक न तो बिजली कनेक्शन के लिए वायरिंग हुई और न ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए। यह भवन पीजी आंबेडकर विभाग का है, जो एमएलसी फंड से दो बड़े कक्षा के रूप में तैयार हुआ था। 30 जुलाई 2005 को भवन का उद्घाटन हुआ था। भवन में प्रवेश के लिए सीढ़ियां और रास्ते तक नहीं हैं। उसके उपयोग से पहले ही चोरों ने इतने दिनों में पिछले हिस्से की लोहे की खिड़की को काट लिया है, जबकि छत से भी पानी रिसने लगा है। यदि सही तरीके से भवन का जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो वह बेकार हो जाएगा। कुछ दिनों पूर्व विभाग के हेड डॉ. संजय कुमार रजक ने उसकी साफ सफाई कराई, लेकिन वहां अब भी कई काम होने हैं, तभी उसका उपयोग हो सकता है। इसके लिए विवि को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में है।

विभाग प्रवेश करते ही खतरे के बोर्ड से स्वागत

विवि का पीजी आंबेडकर विभाग एकलौता ऐसा विभाग हैं, जहां प्रवेश करते ही खतरे के बोर्ड से स्वागत होता है। परिसर में प्रवेश करते ही रस्सी की घेराबंदी करते हुए बोर्ड लटका हुआ है, आगे खतरा है। यह स्थिति वहां के हालातों की वजह है। दरअसल, विभाग का मुख्य भवन ऐसी जर्जर स्थिति में है, जहां कोई कोना नहीं बचा है, जहां छत का मलबा न गिरा हो। इसी कारण हॉल में एक कोने के हिस्से की छत अब तक सुरक्षित है। इसी कारण हेड सहित सभी शिक्षक कर्मी और विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर बैठने की मजबूरी होती है।

विभाग की एक भी कक्षा सुरक्षित नहीं

विभाग की एक भी कक्षा सुरक्षित नहीं है। वहां हर दिन छत का मलबा टूट-टूटकर गिरता है। कई बार कर्मी, शिक्षक और विद्यार्थी बाल-बाल बचे हैं। विभाग का पूरा वायरिंग केबल चोरों ने गायब कर दिया है। सारी समस्याओं से विभागीय स्तर पर कई बार विवि को पत्र लिखा गया है, लेकिन अब तक विवि की तरफ से किसी तरह की पहल नहीं की गई है। यही वजह है कि कभी भी विभाग में बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। विभाग के हेड डॉ. संजय कुमार रजक ने बताया कि जर्जर भवनों को लेकर विवि को पत्राचार किया गया है। कई बार लोग चोटिल होते हुए बचे हैं। स्थिति सुधार के लिए अनुरोध किया गया है।

सामान्य प्रश्न

✦टीएमबीयू के पीजी विभागों की स्थिति क्या है?−
टीएमबीयू के कई पीजी विभागों की हालत खस्ता है।
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