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बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर झूठ बोल रहे हैं दिग्विजय सिंह, IAF के पूर्व अधिकारी ने लताड़ा 

सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं।वायु सेना की पश्चिमी कमान के चीफ एयर मार्शल रहे रघुनाथ नांबियान ने उन्हें इसका करारा जवाब दिया।

बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर झूठ बोल रहे हैं दिग्विजय सिंह, IAF के पूर्व अधिकारी ने लताड़ा 
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Wed, 25 Jan 2023 08:45 AM

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सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं। वायु सेना की पश्चिमी कमान के चीफ एयर मार्शल रहे रघुनाथ नांबियान ने उन्हें इसका करारा जवाब दिया है। उन्होंने ना सिर्फ बालाकोट हवाई हमले के पुष्टि की है, बल्कि उन्होंने यह भी कहा है कि दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे झूठ पर विश्वास नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि कांग्रेस नेता ने भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ट्रेनिंग सेंटर पर किए गए हवाई हमलों पर सवाल उठाया था।

नांबियार ने कहा, ''यह सज्जन (दिग्विजय सिंह) नहीं जानते हैं कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं। उन्हें गलत जानकारी दी गई है और उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है। कृपया उनके झूठ पर विश्वास न करें। निश्चिंत रहें कि बालाकोट हवाई हमला वायु सेना की एक बड़ी सफलता थी।"

वायुसेना के पूर्व अधिकारी ने कहा कि उन्होंने बालाकोट हवाई हमले के दो दिन बाद डब्ल्यूएसी प्रमुख का पदभार संभाला था। बालाकोट में जो कुछ भी हुआ था, उससे वह अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारे बहादुर पायलटों ने उन सभी उद्देश्यों को हासिल किया है जो उनके लिए निर्धारित किए गए थे।"

क्या कहा था दिग्विजय सिंह ने?
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक का अभी तक कोई सबूत नहीं दिया है। जबकि सरकार ने दावा किया है कि उस हमले में कई आतंकवादी मारे गए थे। दिग्विजय ने कहा, पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के चालीस जवान शहीद हुए थे। सीआरपीएफ निदेशक ने अनुरोध किया था कि यह (पुलवामा) एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में जवानों को विमान के माध्यम से श्रीनगर से दिल्ली भेजा जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया। सरकार ने अब तक संसद या लोगों के सामने घटना का विवरण नहीं रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झूठ के जरिये देश पर शासन कर रही है।