हर रोज एक लाख पुराने निबंधित दस्तावेज हो रहे डिजिटाइज
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग 10 एजेंसियों के माध्यम से हर रोज 80 हजार से 1 लाख पुराने दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर रहा है। पहले चरण में 1990 से 1995 के बीच के लगभग 33 लाख अभिलेख प्राथमिकता से अपलोड किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया दस्तावेजों को आसानी से देखने और डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान करेगी।

मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की 10 एजेंसियां हर रोज 80 हजार से एक लाख पुराने दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर रही है। पहले चरण के तहत 1990 से 1995 के बीच निबंधित लगभग 33 लाख अभिलेखों को प्राथमिकता के आधार पर पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इनमें से 24 लाख 68 हजार दस्तावेज अब तक अपलोड किए जा चुके हैं, जिनकी सच्ची प्रतिलिपि वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है। विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार दूसरे और अंतिम चरण में 1908 से 1989 तक के लगभग 5 करोड़ पुराने दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।
इस अवधि के अब तक 21 लाख 85 हजार दस्तावेज अपलोड किए गए हैं। लाखों दस्तावेजों के पीडीएफ तैयार हो चुके हैं, जिन्हें धीरे-धीरे पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। कई पुराने दस्तावेज फारसी, कैथी एवं अन्य अप्रचलित लिपियों में हैं। इन्हें अपलोड करने के लिए एजेंसियां प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद ले रही हैं।वहीं वर्ष 1996 से अब तक के सभी दस्तावेज पूरी तरह डिजिटाइज किए जा चुके हैं। 2006 से 2026 तक के सभी दस्तावेज कम्प्यूटरकृत निबंधन प्रणाली के तहत निबंधित एवं अपलोड हैं। वर्तमान में निबंधित होने वाले दस्तावेजों को भी ऑनलाइन देखने और डाउनलोड करने की सुविधा है। निबंधन के बाद पक्षकारों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर दस्तावेज डाउनलोड करने का लिंक भेजा जाता है। इस पहल से कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी जमीन-जायदाद का पुराना दस्तावेज देख और डाउनलोड कर सकेगा। इससे लोगों को निबंधन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


