विमानों और उड़ानों की निगरानी डिजिटल मंच से होगी : नायडू
देश में विमानों और उड़ानों की निगरानी के लिए जल्द डिजिटल मंच लाने की तैयारी है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार, इससे घटनाओं की रिपोर्टिंग में सुधार होगा। राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि हवाई किराए की कीमतें मांग-आपूर्ति पर निर्भर करती हैं।

नई दिल्ली, एजेंसी। देश में विमानों और उड़ानों की निगरानी के लिए जल्द डिजिटल मंच लाने की तैयारी है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि इस कदम से घटनाओं की रिपोर्टिंग समय पर होने से कार्यक्षमता में सुधार होगा। नायडू राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के पास सभी विमानों और विमानन कंपनियों द्वारा नियमों के पालन की निगरानी के लिए व्यवस्थित सुरक्षा निगरानी तंत्र है। इसमें नियामक ऑडिट, रात्रिकालीन निगरानी, रैंप निरीक्षण, स्पॉट चेक और विशेष ऑडिट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब महानिदेशालय नागरिक उड्डयन ई-गवर्नेंस पोर्टल पर एक डिजिटल मंच लाने की तैयारी में है। इससे जरूरी घटनाओं की रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करने और प्रोसेस करने में आसानी होगी। इससे घटनाओं की रिपोर्टिंग समय पर और बेहतर तरीके से हो सकेगी。
किराए की मांग-आपूर्ति
एक अन्य लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि हवाई किराए की कीमतें आपूर्ति और मांग के आधार पर होने वाले उतार-चढ़ाव से तय होती हैं। सीट ऑक्यूपेंसी, ईंधन लागत, एयरक्राफ्ट की क्षमता, मौसम में बदलाव और अन्य संबंधित कारक एयरलाइन टिकट की कीमतों पर असर डालते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आम तौर पर बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए हवाई किराए को नियंत्रित करने से बचती है। हालांकि कोविड, महाकुंभ, त्योहारों, उड़ानों में रुकावट जैसी असाधारण परिस्थितियों में निगरानी के साथ दखल देती है।


