डिजिटल फिजिक्स लर्निग एण्ड विजुलाइजेशन डिवाइस का पंजीकरण
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की भौतिकी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुधा पाल द्वारा विकसित डिजिटल फिजिक्स लर्निग डिवाइस को भारत सरकार ने डिज़ाइन पंजीकरण प्रदान किया है। यह नवाचार छात्रों के लिए विज्ञान शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने में सहायक है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

सितारगंज, संवाददाता। विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की भौतिकी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुधा पाल के अभिनव शैक्षणिक नवाचार डिजिटल फिजिक्स लर्निग एण्ड विजुलाइजेशन डिवाइस को भारत सरकार के कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट उिजाइन एण्ड ट्रेड मार्क ने डिज़ाइन पंजीकरण प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि केवल एक डिज़ाइन पंजीकरण नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली में तकनीक आधारित नवाचार को मिली एक महत्वपूर्ण सरकारी मान्यता है। यह डिवाइस पारंपरिक भौतिकी शिक्षण को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यावहारिक बनाने का प्रयास करता है।विशेष
रूप से यह उपकरण कक्षा 9 से स्नातकोत्तर स्तर, प्रतियोगी परीक्षाओं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों तथा विज्ञान प्रयोगशालाओं में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यह नवाचार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण डिजिटल विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। डॉ. सुधा पाल ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल एक उपकरण विकसित करना नहीं, बल्कि ऐसा डिजिटल साइंस लर्निंग इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी विज्ञान को भय का विषय नहीं, बल्कि खोज और नवाचार का माध्यम समझे। भविष्य में इस तकनीक का विस्तार अन्य विज्ञान विषयों में भी किया जा सकता है। डॉ. सुधा पाल शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उनके नाम सात पेटेंट , दो पेटेंट ग्रांट, दो प्रकाशित पुस्तकें तथा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध उपलब्धियाँ दर्ज हैं। यह युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और शिक्षकों को नवाचार एवं बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।


