223 परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत
जिले के परिषदीय विद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत डिजिटल शिक्षा शुरू की जाएगी। 223 विद्यालयों में से 177 में ICT लैब और 46 में स्मार्ट क्लास स्थापित की जाएंगी। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, और उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी। शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।

जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में नित नए कार्य किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के मुताबिक जिले के 223 परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत 177 विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि 46 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित की जाएंगी। इससे हजारों छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसको लेकर बीएसए की ओर से प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर तथा ऑडियो-वीडियो आधारित डिजिटल कंटेंट की व्यवस्था की जाएगी।
इसके माध्यम से विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई अधिक सरल, रोचक और व्यावहारिक ढंग से कराई जाएगी। बच्चों को विषयों की जटिल अवधारणाएं वीडियो, एनीमेशन और इंटरैक्टिव के जरिए समझाई जाएंगी, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और समझ में वृद्धि होगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल संसाधनों के उपयोग से विद्यार्थियों की कक्षाओं में रुचि बढ़ेगी और उनकी उपस्थिति के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इसके अलावा बच्चों में तकनीकी ज्ञान, डिजिटल साक्षरता और नवाचार की सोच विकसित होगी, जिससे वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के चयनित विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास स्थापित करने को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही इन विद्यालयों में आईटीसी लैब और स्मार्ट क्लास विकसित कर आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।


