राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त ‘ढोली’ अक्तूबर में होगी रीलिज
उत्तराखंड की पहली राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म 'ढोली' का गीत दून पुस्तकालय में रिलीज किया गया। इस फिल्म की प्रदर्शनी अक्टूबर में होगी। निर्माता सुनील नायक और निर्देशक दिनेश पी. भोंसले ने फिल्म के विषय और इसके प्रदर्शन के प्रभाव के बारे में जानकारी दी। फिल्म का संदेश ढोली समाज के सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
देहरादून। उत्तराखंड की 43 साल की आंचलिक फिल्मी यात्रा की पहली राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म बनी ‘ढोली’ का गीत शनिवार को दून पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रीलिज किया गया। यह फिल्म अक्तूबर में सिनेमा हॉलों में प्रदर्शित की जाएगी। दून पुस्तकालय में फिल्म के निर्माता सुनील नायक और निर्देशक दिनेश पी.भोंसले ने फिल्म के विषय शूटिंग के पहले दिन से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। निर्माता सुनील नायक ने कहा कि उनका बैकग्राउंड फिल्मी नहीं है। लेकिन थिएटर से जुड़ाव होने के कारण उन्होंने यह फिल्म बनाई। इस फिल्म का विषय उन्हें अपने होम स्टेट कर्नाटक की फिल्म ‘कंतारा’ जैसा ही गांव की मिट्टी, परंपरा, संस्कृति से जुड़ा लगा।
उत्तराखंड में भी ढोल को भगवान जैसा ही पूजा जाता है। जीवन के हरेक फ्रेम में ढोल मौजूद है। निर्देशक दिनेश पी. भोंसले ने बताया कि फिल्म के विषय ने बरबस उनका ध्यान खींचा। उत्तराखंड में ऐसी फिल्में बनती रहेंगी तो आंचलिक सिने जगत और कलाकारों को इसका फायदा होगा। दर्शक अधिक से अधिक संख्या में सिनेमा हॉल जाकर इसे देखें। वह प्रयास कर रहे हैं कि उत्तराखंड सरकार फिल्म को टैक्स फ्री घोषित करे। वरिष्ठ लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि फिल्म के निर्माता निर्देशक दोनों ही पहाड़ी मूल के नहीं हैं, फिर भी उन्होंने उत्तराखंड के एक ज्वलंत विषय पर फिल्म बनाई है। यह फिल्म उत्तराखंड के ढोली समाज की मौजूदा स्थिति पर गंभीर विमर्श करती है। फिल्म का संदेश सशक्त है। लेखक नंद किशोर हटवाल ने कहा कि ढोली समाज को बचाना है तो उन्हें आर्थिक रुप से सक्षम बनाना होगा। यह फिल्म इसी ओर इशारा करती है। मौके पर फिल्म के मुख्य कलाकार मोहित झिल्डियाल, दीपा देओपा, जसपाल राणा, सोनिया गैरोला, रमेश नौडियाल, सुशील पुरोहित, प्रेम हिंदवाल, रमाकांत बेंजवाल, सिनेमेटोग्राफर अभिनव गंधर्व, कला निर्देशक अतुल विश्नोई, सुनील सिंह, गायत्री टम्टा मौजूद रहे।


