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जोश में है टीम मोदी, शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने शुरू किया काम

विशेष संवाददाता,नई दिल्लीPublished By: Mrinal Sinha
Fri, 09 Jul 2021 06:40 AM
जोश में है टीम मोदी, शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने शुरू किया काम

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्रालय का विधिवत कार्यभार शुक्रवार को संभालेंगे, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को ही उन्होंने मंत्रालय में काम शुरू कर दिया। वे मंत्रालय गए तथा उच्च अधिकारियों के साथ मुलाकात के बाद सीधे वीडियो कांफ्रेसिंग कक्ष में गए और एक कार्यक्रम में शामिल हुए। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईआईटी निदेशकों को संबोधित कर रहे थे जिसमें प्रधान भी मौजूद रहे। हालांकि गुरुवार को उन्होंने अपने दूसरे विभाग कौशल विकास मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ भारत की शिक्षा प्रणाली ने एक बड़ी छलांग लगाई है। शिक्षा मंत्री के रूप में अपनी पहली बैठक में प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ भारतीय शिक्षा प्रणाली ने एक बड़ी छलांग लगाई है। नीति का सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी स्वागत किया गया है। उन्होंने कहा, भारत को एक उचित ज्ञान संपन्न समाज की दिशा में ले जाने में हम छात्रों और युवाओं को मुख्य साझेदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधान जब नए शिक्षा मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं तो कोरोना महामारी के चलते उन्हें कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

तीन शिक्षा राज्यमंत्री बनाए जाने से कार्यालय का संकट 

शिक्षा मंत्रालय में तीन राज्यमंत्री नियुक्त किए जाने से उनके बैठने का संकट पैदा हो गया है। यह पहला मौका है जब इस महकमे में तीन राज्यमंत्री नियुक्त किए गए हैं। हालांकि पिछली एनडीए सरकार में दो राज्यमंत्री नियुक्त हुए थे। तब भी यह समस्या पैदा हुई थी, लेकिन इस बार स्थिति और विकट हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम से शिक्षा मंत्रालय भेजा गया है। जबकि उनके सहयोग के लिए तीन राज्यमंत्री नियुक्त किए गए हैं। इनमें राजकुमार रंजन सिंह, सुभाष सरकार तथा अन्नापूर्णा देवी शामिल हैं। मौजूदा समय में शिक्षा मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के अलावा एक राज्यमंत्री का ही ऑफिस तैयार है।

सूत्रों के अनुसार, दो मंत्रियों को अभी कार्यालय के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। इनमें से एक कार्यालय कुछ दिनों में तैयार हो सकता है। क्योंकि पिछली एनडीए सरकार में जब दो राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा एवं महेन्द्र नाथ पांडेय नियुक्त किए गए थे तो महेन्द्र पांडेय के लिए शास्त्री भवन में पहली मंजिल पर कैंटीन की जगह पर कार्यालय तैयार किया गया था। यह कार्यालय पिछले दो साल से बंद पड़ा है तथा इसे जल्द ही रंग रोगन कर दुरुस्त किया जा सकता है। लेकिन इसके बाद एक और मंत्री के लिए कार्यालय तैयार करना होगा। यह इसमें कई महीने लग सकते हैं।

तीन बड़ी चुनौतियां

1- जेईई, नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं का सफलतापूर्वक संपन्न कराने की है। जेईई की तिथियों का ऐलान हो चुका है लेकिन नीट की तिथि अभी घोषित की जानी है
2- स्कूल-कालेजों को दोबारा खोलकर उन्हें सामान्य स्थिति में लाने की होती है। यह तभी संभव होगा जब कोरोना की तीसरी लहर नहीं आएगी
3- अगर स्कूल नहीं खुले तो बड़ी चुनौती ऑनलाइन के जरिये शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की होगी। नई शिक्षा नीति का सही ढंग से क्रियान्वयन करना
 

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