स्कूली शिक्षा में राज्य में 17वें से 19वें स्थान पर खिसका धनबाद

हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद में स्कूल शिक्षा का प्रदर्शन ठीक नहीं है। जुलाई में जारी रिपोर्ट में धनबाद को 17वां स्थान मिला है। स्कोर में केवल 2.26% सुधार हुआ है, फिर भी धनबाद ने रैंकिंग में दो स्थान पीछे जा चुका है। 2433 स्कूलों में से 7 स्कूलों में जीरो एनरोलमेंट है। शिक्षा प्रदर्शन पर सरकार ने चिंता जताई है।

स्कूली शिक्षा में राज्य में 17वें से 19वें स्थान पर खिसका धनबाद

धनबाद में स्कूली शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं है। जुलाई में स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग झारखंड सरकार की ओर से जारी जून महीने की डिस्ट्रिक एजुकेशन परफॉरमेंस रिव्यू रिपोर्ट में धनबाद को राज्य में 17वां स्थान मिला है। रिपोर्ट में धनबाद और दो स्थान पिछड़कर 19वें स्थान पर चला गया है। जुलाई के लिए धनबाद को हाई प्रायोरिटी स्कोर 70 फीसदी में 42.18 व 30 फीसदी में 14.73 फीसदी यानी कुल 56.91 फीसदी प्राप्त हुआ है। राज्य ने यह रैंक 23 इंडिकेटर्स और सब-इंडिकेटर्स में प्रदर्शन के आधार पर जारी किया है। पिछले महीने धनबाद को 54.65 स्कोर मिला था। ऐसे में यह स्पष्ट है कि स्कोर में 2.26 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद भी धनबाद रैंकिंग में दो स्थान पीछे चला गया यानी कि धनबाद की तुलना में अन्य जिलों ने विभिन्न योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी रैंकिंग में सुधार कर ली。

धनबाद का पूर्व विवरण

फरवरी में राज्य में धनबाद 19वें, मार्च में 24वें, अप्रैल में 15वें, मई में 14वें स्थान, जून में 17वें रैंक पर था। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने कहा है कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले ज़िलों को चाहिए कि वे प्रत्येक इंडिकेटर के आधार पर स्थिति का विश्लेषण करें। अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों के सफल मॉडल अपनाएं। पूरे राज्य में समान रूप से प्रगति लाने के लिए नियमित समीक्षा की व्यवस्था लागू करें।

अलग-अलग जिलों का प्रदर्शन

पूर्वी सिंहभूम पहले व लोहरदगा दूसरे स्थान परराज्य में पहले स्थान पर पूर्वी सिंहभूम को 76.38 फीसदी, लोहरदगा दूसरे स्थान पर 71.92, तीसरे स्थान पर कोडरमा 69.96 फीसदी, चौथे स्थान पर रामगढ़ 69.14 व पांचवे स्थान पर सरायकेला खरसांवा को 67.80 फीसदी स्कोर मिला है। 24वें स्थान पर गुमला को 49.11 फीसदी स्कोर मिला है। 22वें में पाकुड़ को 54.81 व 23वें में पश्चिमी सिंहभूम 53.13 स्कोर है। गोड्डा ने सात रैंक व साहिबगंज ने 11 रैंक की उछाल कर रैंकिंग में सुधार किया है।

स्कूलों में नामांकन की स्थिति

धनबाद में संचालित कुल स्कूलों की संख्या 2433 में से सात स्कूल सभी मैनेजमेंट जीरो एनरोलमेंट (एक भी छात्र का नामांकन नहीं) स्कूल हैं। वहीं सरकारी 1727 स्कूलों में चार स्कूल जीरो इनरॉलमेंट है। मुख्यालय ने कहा है कि जिले हर मामले की जांच करेंगे।

धनबाद की स्थिति

- बच्चों के नामांकन में 22वें स्थान पर है। आधार व अपार नामांकन में 21वां नंबर।- स्पिलिट सिलेबस के कवरेज में 11वें स्थान पर है। आईएफए टैबलेट वितरण में 16वां नंबर।- एसएमएस रिपोर्टिंग में 23वां और मध्याह्न भोजन में 21वां स्थान।- हेल्थ चेकअप में 16.1% के साथ 19वें स्थान पर है। ऑनलाइन सर्वे रिपोर्ट में 22वें स्थान पर है।- जिले में संचालित 1753 स्कूलों में जुलाई में छात्रों की उपस्थिति 79.76 फीसदी रही। राज्य में धनबाद आठवें स्थान पर है। मई व जून के मुकाबले कुछ सुधार हुआ है।- शिक्षक उपस्थिति में 15वें स्थान पर है। 84.01 फीसदी उपस्थिति रही। मई व जून के मुकाबले कम है।- इनोवेशन चैलेंज पहली से पांचवीं कक्षा में 52.81 स्कोर के साथ 10वें स्थान पर। कक्षा छह से आठवीं में आठवें व कक्षा नौ से 12वीं में सातवें स्थान पर।

प्रश्न-उत्तर

✦धनबाद को जुलाई में किस स्थान पर रैंक मिली है?−
धनबाद को जुलाई में राज्य में 17वां स्थान मिला है।
Amit Watts

लेखक के बारे में

Amit Watts

शॉर्ट बायो: अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।


करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।


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शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।


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