पायलटों का मादक पदार्थ परीक्षण अनिवार्य : डीजीसीए
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी पायलटों के लिए जुलाई 2027 तक मादक पदार्थ परीक्षण अनिवार्य कर दिया है। यह कदम एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान में पायलट द्वारा मादक पदार्थ सेवन का मामला सामने आने के बाद उठाया गया। नियमों के तहत, हर साल 10% पायलटों की बिना पूर्व सूचना के जांच की जाती है।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी विमानन कंपनियों के पायलटों की मादक पदार्थ परीक्षण (ड्रग टेस्ट) संबंधी जांच कराना अनिवार्य कर दिया। डीजीसीए के मौजूदा नागर विमानन आवश्यकता (सीएआर) के नियमों तहत, हर साल 10% पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों का बिना पूर्व सूचना मादक पदार्थ परीक्षण करना अनिवार्य है। अब डीजीसीए के नए आदेश के तहत सभी विमानन कंपनियों के सभी पायलटों का मादक पदार्थ परीक्षण जुलाई 2027 तक पूरा करना है। विभिन्न वाणिज्यिक विमानन कंपनियों में 12,000 से अधिक पायलट कार्यरत हैं।यह कदम एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के पायलट-इन-कमांड की जांच में उसके मादक पदार्थ संबंधी सेवन की पुष्टि होने के बाद उठाया गया।
चार अगस्त को हुई इस घटना के दौरान विमान अचानक करीब 300 फुट नीचे आ गया था, जिससे कई यात्री घायल हो गए थे।वहीं, नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि पायलटों की मादक पदार्थ संबंधी जांच के नए नियमों के मसौदे को डीजीसीए द्वारा इस महीने के अंत तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। फिलहाल पायलट की मादक पदार्थ संबंधी जांच बिना पूर्व सूचना के की जाती है।


