श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

बेलदौर । एक प्रतिनिधि बेलदौर प्रखंड के कैंजरी पंचायत भवन परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन रविवार को सुदामा प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। यज्ञ के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से देर शाम तक कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। कैंजरी पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कर स्वयं को धन्य महसूस किया। पूरे परिसर में राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक प्रमोद व्यास जी महाराज ने अपने मधुर, ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उनके श्रीमुख से निकले प्रत्येक शब्द को श्रद्धालु बड़े ध्यान एवं श्रद्धा के साथ सुनते रहे। कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का ऐसा समागम देखने को मिला कि कई श्रद्धालु भावुक हो उठे। चौथे दिन की कथा में व्यास जी महाराज ने कौरव-पांडव प्रसंग, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता, तथा अनेक धार्मिक प्रसंगों का अत्यंत सरल एवं मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता स्वार्थ नहीं, बल्कि समर्पण और प्रेम पर आधारित होती है। भगवान अपने भक्तों के निष्काम प्रेम से बंध जाते हैं और जो व्यक्ति सच्चे मन से उनकी भक्ति करता है। उस पर प्रभु सदैव अपनी कृपा बरसाते हैं। अपने प्रवचन में उन्होंने माता सती और भगवान भोलेनाथ के प्रसंग का भी विस्तार से उल्लेख करते हुए सनातन संस्कृति, धर्म, संस्कार एवं सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, करुणा, सेवा और ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करने वाला दिव्य मार्ग है। कथा के दौरान श्रद्धालु पूरी तन्मयता के साथ कथा श्रवण करते रहे। विशेष रूप से महिलाओं एवं युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कथा के विभिन्न प्रसंगों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होते नजर आए। इस अवसर पर यजमान के रूप में सुमलेश कुमार, रिंकू कुमारी,रविन्द्र कुमार आदि ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया और भक्ति में लीन रहे। आयोजक ने बताया कि प्रतिदिन शाम से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा आकर्षक धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति दी जाती है। कलाकार रोशनी कुमारी की मनमोहक एवं जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। इन झांकियों को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ यज्ञ स्थल पर बनी रहती है। पूरे धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति, स्थानीय ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान मिल रहा है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या यह संकेत दे रही है कि आगामी दिनों में कथा के प्रति लोगों का उत्साह और अधिक बढ़ेगा। नौ दिवसीय यह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ पूरे क्षेत्र को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के रंग में रंग रहा है। इस मौके पर बाबा महेंद्रर पंडित, निरंजन झा, दिवाकर, सुशील, छोटू नवीन आदि मौजूद थे।


